ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बलरामपुर के जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने 1 जनवरी 2026 को 'ग्राम स्वच्छता साथी एप' लॉन्च किया था। इस एप का उद्देश्य जियो-फेंसिंग और फेशियल रिकग्निशन तकनीक के जरिए सफाई मित्रों की रियल-टाइम उपस्थिति दर्ज करना और फर्जी हाजिरी पर रोक लगाना था। योजना के तहत एप के माध्यम से उपस्थिति प्रमाणित होने के बाद ही वेतन भुगतान की व्यवस्था की गई थी।
छह महीने बाद भी नहीं दिखा अपेक्षित असर
हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले के कई ग्रामीण इलाकों में यह व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि कई स्थानों पर नालियां गंदगी से भरी हैं और रास्तों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। उनका आरोप है कि सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि सफाई की शिकायत करने पर कुछ सफाईकर्मी काम करने के बजाय लोगों से स्वयं पैसे खर्च कर सफाई कराने की बात कहते हैं। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बिना पैसे दिए नियमित सफाई नहीं की जाती। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्राम प्रधानों पर पक्षपात का भी आरोप
मोहम्मद आजम, रिजवान और सोहन लाल चौहान सहित कई ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ ग्राम प्रधान केवल चुनिंदा मोहल्लों में ही सफाई कार्य करवा रहे हैं, जबकि अन्य इलाकों की अनदेखी की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार, कई जगह जलभराव और खुली नालियों के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण फजल अहमद का कहना है कि उनके मोहल्ले के रास्ते पर पिछले ढाई से तीन वर्षों से कूड़ा जमा है, लेकिन कई बार शिकायत के बावजूद सफाई नहीं कराई गई।
संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि गंदगी, जलभराव और खुले नालों के कारण डेंगू, मलेरिया और डायरिया जैसी संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है, ताकि गांवों में स्वच्छता व्यवस्था बेहतर हो सके।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि सफाई व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में हालात और गंभीर हो सकते हैं।