बिहार के बक्सर स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र रामरेखा घाट पर गुरुवार दोपहर भीख मांगने की जगह को लेकर दो गुटों की महिला भिखारियों के बीच जमकर मारपीट हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि घाट पर "कटोरा युद्ध" जैसी स्थिति बन गई और वहां मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
'वीआईपी स्पॉट' पर कब्जे को लेकर हुआ विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे रामरेखा घाट के मुख्य प्रवेश द्वार और स्नान सीढ़ियों के पास स्थित स्थान पर विवाद शुरू हुआ। यह जगह श्रद्धालुओं की अधिक आवाजाही के कारण भिखारियों के बीच "वीआईपी स्पॉट" मानी जाती है, जहां सबसे अधिक भीख मिलने की संभावना रहती है। इसी स्थान पर कब्जे को लेकर दोनों गुट आमने-सामने आ गए।
कटोरों और लाठी-डंडों से हुई मारपीट
शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में विवाद हिंसक हो गया। दोनों गुटों की महिलाओं ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों और कटोरों से हमला कर दिया। मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।
श्रद्धालुओं में मची भगदड़
मारपीट शुरू होते ही घाट पर स्नान और पूजा-अर्चना कर रहे श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। लोग अपने चप्पल-जूते और अन्य सामान छोड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। करीब 15 मिनट तक घाट पर अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बना रहा।
पुलिस ने पहुंचकर संभाली स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया। मारपीट में दोनों गुटों की कुछ महिलाओं को मामूली चोटें आई हैं।
वायरल वीडियो के आधार पर जांच
नगर थाना पुलिस ने बताया कि दोनों पक्षों को समझाकर शांत करा दिया गया है। वायरल वीडियो के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए घाट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस ने दोनों गुटों को दोबारा हंगामा करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
स्थायी व्यवस्था की उठी मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि रामरेखा घाट पर प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शन और स्नान के लिए आते हैं। भीख मांगने की जगह को लेकर भिखारियों के बीच अक्सर विवाद होता रहता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि घाट पर भीख मांगने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।