नई दिल्ली: जिम्बाब्वे दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम की घोषणा के बाद सबसे ज्यादा चर्चा विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन को टीम में जगह नहीं मिलने को लेकर हो रही है। हाल ही में घोषित 15 सदस्यीय टीम में संजू सैमसन का नाम नहीं होने से क्रिकेट जगत और सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। अब इस मामले पर भारत के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। रहाणे ने संजू के बाहर होने पर हैरानी जताते हुए उम्मीद व्यक्त की कि चयनकर्ताओं ने इस फैसले की जानकारी और उसका कारण संजू सैमसन को जरूर बताया होगा।
अजिंक्य रहाणे ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि उन्हें यह जानकर आश्चर्य हुआ कि हाल ही में टी20 विश्व कप में भारत की सफलता के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल रहे संजू सैमसन को जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम में जगह नहीं मिली।
रहाणे ने लिखा, "उम्मीद है कि संजू सैमसन से इस बारे में बातचीत हुई होगी। मुझे यह थोड़ा अजीब लगा कि हाल के टी20 विश्व कप के हीरो को जिम्बाब्वे दौरे की टी20 टीम में शामिल नहीं किया गया। उम्मीद है कि वह जल्द ही भारतीय टीम में वापसी करेंगे।" उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और क्रिकेट प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन गई।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए युवा खिलाड़ियों से सजी टीम की घोषणा की है। टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर को सौंपी गई है, जबकि कई नए खिलाड़ियों को पहली बार राष्ट्रीय टीम में मौका मिला है।
विकेटकीपर के रूप में ईशान किशन और पहली बार टीम में शामिल किए गए प्रभसिमरन सिंह को चुना गया है। इसके अलावा वैभव सूर्यवंशी, यश ठाकुर और आशीष शर्मा जैसे नए चेहरों को भी टीम में जगह मिली है। चयनकर्ताओं के इस फैसले को भविष्य की टीम तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संजू सैमसन का चयन न होना इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि हाल ही में टी20 विश्व कप में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। उनके योगदान को भारत की खिताबी जीत में अहम माना गया था। ऐसे में विश्व कप के कुछ ही महीनों बाद उन्हें टीम से बाहर देखना कई पूर्व खिलाड़ियों और प्रशंसकों के लिए चौंकाने वाला फैसला रहा।
हालांकि हाल के कुछ मुकाबलों में उनका प्रदर्शन अपेक्षित स्तर का नहीं रहा। इसी बीच टीम प्रबंधन और चयनकर्ताओं ने युवा खिलाड़ियों को अधिक अवसर देने का फैसला किया, जिसे भारतीय क्रिकेट के भविष्य की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
संजू सैमसन को लेकर विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में अलग-अलग जानकारियां सामने आई हैं। कुछ रिपोर्टों में कहा गया कि उन्हें टीम से स्थायी रूप से बाहर नहीं किया गया है, बल्कि उन्हें आराम दिया गया है ताकि चयनकर्ता अन्य खिलाड़ियों को भी परख सकें। हालांकि इस संबंध में चयन समिति की ओर से विस्तृत आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, जिससे भ्रम की स्थिति बनी रही।
यही वजह है कि अजिंक्य रहाणे ने भी अपने बयान में संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका मानना है कि यदि किसी खिलाड़ी को टीम से बाहर रखा जाता है, तो उसके साथ स्पष्ट और पारदर्शी बातचीत होनी चाहिए।
रहाणे की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रशंसकों की प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गईं। कई लोगों ने रहाणे की बात का समर्थन करते हुए कहा कि किसी भी खिलाड़ी को टीम से बाहर करने के पीछे स्पष्ट कारण बताए जाने चाहिए।
वहीं कुछ क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि जिम्बाब्वे जैसे दौरे युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव देने का अच्छा अवसर होते हैं। ऐसे दौरों में टीम प्रबंधन अक्सर अपनी बेंच स्ट्रेंथ तैयार करने पर ध्यान देता है ताकि भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों के लिए विकल्प मजबूत किए जा सकें।
भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज 23 जुलाई से हरारे में खेली जाएगी। इस सीरीज में युवा खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर सभी की नजर रहेगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि संजू सैमसन की भारतीय टीम में वापसी कब और किस भूमिका में होती है।
फिलहाल अजिंक्य रहाणे का बयान इस पूरे विवाद के केंद्र में है। उन्होंने चयनकर्ताओं की मंशा पर सीधा सवाल नहीं उठाया, लेकिन यह जरूर कहा कि खिलाड़ियों के साथ पारदर्शी संवाद होना बेहद जरूरी है। अब क्रिकेट प्रेमियों की निगाहें आगामी चयन बैठकों और टीम प्रबंधन के अगले फैसलों पर टिकी हुई हैं।