बाढ़ के गुलाबबाग चौक से गैस गोदाम होते हुए उमानाथ मंदिर जाने वाली मुख्य सड़क पर चल रहा नाला निर्माण कार्य लोगों के लिए परेशानी और खतरे का कारण बन गया है। निर्माण एजेंसी ने सड़क किनारे गहरी खुदाई तो कर दी, लेकिन पिछले करीब तीन महीने से गड्ढों को खुले हाल में छोड़ दिया है।
न बैरिकेडिंग, न चेतावनी बोर्ड
स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर न तो बैरिकेडिंग की गई है और न ही किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड लगाया गया है। ऐसे में राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और स्कूली बच्चों के लिए यह मार्ग बेहद खतरनाक बन गया है। लोगों का कहना है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
कई बच्चे हो चुके हैं घायल
स्थानीय निवासी रामधनी ने बताया कि गड्ढा पिछले तीन महीने से उसी स्थिति में पड़ा हुआ है। इस दौरान कई बच्चे उसमें गिरकर चोटिल हो चुके हैं। रात के समय अंधेरे में यह खतरा और बढ़ जाता है, क्योंकि खुले गड्ढे आसानी से दिखाई नहीं देते।
धीमी निर्माण गति पर लोगों में नाराजगी
स्थानीय युवक करण कुमार ने निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए कहा कि संवेदक की लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द निर्माण कार्य पूरा कराने और सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम करने की मांग की।
सूचना पट्ट नहीं होने से पारदर्शिता पर सवाल
निर्माण स्थल पर योजना से संबंधित कोई सूचना पट्ट भी नहीं लगाया गया है। न तो योजना का नाम, न निर्माण लागत, न कार्य अवधि और न ही कार्यदायी एजेंसी का कोई विवरण सार्वजनिक किया गया है। इससे निर्माण कार्य की पारदर्शिता और गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि खुले गड्ढों की तत्काल भराई कराई जाए, बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं तथा निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराया जाए ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।
जनप्रतिनिधियों से नहीं हो सका संपर्क
इस मामले में नगर परिषद के अध्यक्ष संजय कुमार और स्थानीय विधायक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो सका। स्थानीय लोग अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।