खबर Supar Fast
होम राशिफल
शॉर्ट वीडियो
ई-पेपर सर्च

नेतन्याहू का बड़ा बयान: 'भारत जैसा मजबूत साझेदार भी हमारे साथ', अमेरिका को दिया कूटनीतिक संदेश

प्रकाशित: 06-07-2026 08:15 AM
नेतन्याहू का बड़ा बयान: 'भारत जैसा मजबूत साझेदार भी हमारे साथ', अमेरिका को दिया कूटनीतिक संदेश
शेयर करें:

यरूशलम/वॉशिंगटन: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अमेरिका के साथ अपने देश के संबंधों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इजरायल का बेहद महत्वपूर्ण सहयोगी है, लेकिन वह उसका एकमात्र मजबूत साझेदार नहीं है। नेतन्याहू ने विशेष रूप से भारत का उल्लेख करते हुए कहा कि इजरायल को भारत सहित कई मित्र देशों का मजबूत समर्थन प्राप्त है।

यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, ईरान के साथ बढ़ते तनाव और लेबनान में सैन्य अभियानों को लेकर अमेरिका और इजरायल के रिश्तों पर लगातार चर्चा हो रही है। नेतन्याहू की टिप्पणी को इजरायल की व्यापक विदेश नीति और उसके बढ़ते वैश्विक कूटनीतिक संबंधों के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

जेडी वेंस के बयान पर नेतन्याहू की प्रतिक्रिया

JD Vance के बयान पर नेतन्याहू का जवाब, बोले-अमेरिका ही नहीं; भारत भी हमारा  मजबूत दोस्त - khabar Indiatv

दरअसल, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने हाल ही में कहा था कि अमेरिका ही इजरायल का सबसे बड़ा और सबसे प्रभावशाली सहयोगी है। इसी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिका का महत्व अपनी जगह है, लेकिन यह कहना सही नहीं होगा कि वही इजरायल का एकमात्र भरोसेमंद साझेदार है।

एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में इजरायल ने अपने कूटनीतिक संबंधों का दायरा काफी बढ़ाया है और आज भारत, यूरोप तथा कई अन्य देशों के साथ उसके मजबूत और भरोसेमंद रिश्ते हैं।

भारत का विशेष रूप से किया जिक्र

प्रधानमंत्री मोदी और नेतन्याहू ने रक्षा और व्यापार संबंधी प्रतिज्ञाओं के  साथ भारत-इजराइल संबंधों को और मजबूत किया

नेतन्याहू ने अपने बयान में भारत का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों देशों के संबंध पिछले एक दशक में लगातार मजबूत हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत और इजरायल रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच नियमित संवाद और रणनीतिक सहयोग ने द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई प्रदान की है।

भारत-इजरायल संबंध क्यों हैं खास?

Israel and India Flags Together.Israeli and Indian Flags Background Stock  Image - Image of asian, bilateral: 317141015

विशेषज्ञों का मानना है कि नेतन्याहू द्वारा भारत का नाम लेना केवल एक औपचारिक कूटनीतिक बयान नहीं, बल्कि दोनों देशों के बीच लगातार मजबूत हो रहे रणनीतिक संबंधों का संकेत है।

भारत और इजरायल के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा सहयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। भारत इजरायल से विभिन्न रक्षा प्रणालियां, ड्रोन, मिसाइल तकनीक, रडार और निगरानी उपकरण खरीदता रहा है। इसके अलावा कृषि, सिंचाई, जल संरक्षण, साइबर सुरक्षा और स्टार्टअप इकोसिस्टम में भी दोनों देशों के बीच कई संयुक्त परियोजनाएं संचालित हो रही हैं।

पश्चिम एशिया के बदलते हालात का असर

यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पश्चिम एशिया लगातार अस्थिर दौर से गुजर रहा है। गाजा में जारी संघर्ष, लेबनान सीमा पर बढ़ता तनाव और ईरान के साथ टकराव ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को प्रभावित किया है।

हालांकि अमेरिका लगातार इजरायल का प्रमुख रणनीतिक सहयोगी बना हुआ है, लेकिन कुछ सैन्य और मानवीय मुद्दों पर दोनों देशों के बीच मतभेद की खबरें भी सामने आती रही हैं। ऐसे माहौल में नेतन्याहू का यह बयान यह संकेत देता है कि इजरायल अब अपनी विदेश नीति को अधिक बहुआयामी बनाने पर जोर दे रहा है।

पश्चिम एशिया पर भारत की संतुलित नीति

पश्चिम एशिया में स्थायी शांति... ईरान जंग में सीजफायर पर आई भारत की  प्रतिक्रिया - News18 हिंदी

भारत ने हमेशा पश्चिम एशिया के मुद्दों पर संतुलित और व्यावहारिक रुख अपनाया है। एक ओर भारत ने आतंकवाद की निंदा करते हुए इजरायल की सुरक्षा चिंताओं को स्वीकार किया है, वहीं दूसरी ओर गाजा में मानवीय सहायता बढ़ाने और दो-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution) के समर्थन की अपनी पुरानी नीति भी दोहराई है।

भारत की यही संतुलित विदेश नीति उसे इजरायल के साथ-साथ अरब देशों और खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों के साथ भी मजबूत संबंध बनाए रखने में मदद करती है।

रक्षा से आगे बढ़ा रणनीतिक सहयोग

Why does the India-Israel friendship irk the Congress | DNA: भारत-इजरायल की  दोस्ती कांग्रेस को क्यों खटकती है? देश की सियासत का विश्लेषण | Hindi News

भारत और इजरायल के संबंध अब केवल रक्षा क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश, नवाचार, शिक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), स्टार्टअप और हाई-टेक सेक्टर में भी सहयोग लगातार बढ़ रहा है।

इजरायल भारत को एशिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदारों में से एक मानता है, जबकि भारत भी इजरायल को रक्षा और तकनीकी सहयोग के क्षेत्र में भरोसेमंद भागीदार के रूप में देखता है।

क्या है नेतन्याहू के बयान का संदेश?

नेतन्याहू का बयान: 'हमें बर्बरों से अधिक शक्तिशाली होना होगा, अन्यथा वे  हमारे द्वार तोड़ देंगे, हमारे समाजों को नष्ट कर देंगे।' | द टाइम्स ऑफ ...

विदेश नीति के जानकारों के अनुसार, नेतन्याहू का यह बयान दुनिया को यह संदेश देने का प्रयास है कि इजरायल की विदेश नीति अब केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है। उसने एशिया, यूरोप और अन्य क्षेत्रों के कई देशों के साथ अपने रणनीतिक संबंधों को मजबूत किया है।

भारत का नाम लेकर नेतन्याहू ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि वैश्विक मंच पर इजरायल अपने कूटनीतिक सहयोगियों का दायरा लगातार बढ़ा रहा है और भारत इस रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।

 

0.0
Average Rating
0 Ratings
Tap a star to rate this article: