पुणे/मुंबई: महाराष्ट्र के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में एक नया डिजिटल सुराग सामने आया है। पुलिस की जांच के दौरान आरोपी सिया गोयल की कथित स्नैपचैट चैट सामने आने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया है। वायरल स्क्रीनशॉट में सिया कथित तौर पर अपनी एक दोस्त से आधार कार्ड की कॉपी मांगती दिखाई दे रही है और साथ ही लिखती है कि यह "उस शादी के टिकट के लिए है, जो कभी होने ही नहीं वाली।" इस कथित बातचीत के सामने आने के बाद पुलिस अब उस दोस्त तक पहुंचने की तैयारी कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह कथित साजिश के बारे में कुछ जानती थी या नहीं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सामने आए कथित स्नैपचैट संदेश में सिया गोयल अपनी दोस्त से कहती है, "आधार कार्ड फ्रंट और बैक भेज दे... शादी के टिकट बुक करने हैं।" इसके बाद कथित तौर पर वह लिखती है कि "शादी तो होने नहीं वाली, लेकिन फिर भी भेज दे।"
दोस्त की ओर से जवाब आता है कि उसने आधार कार्ड पहले ही व्हाट्सऐप पर भेज दिया है। यही बातचीत अब पुलिस जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। हालांकि इस चैट की प्रामाणिकता की जांच अभी जारी है और पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

जांच अधिकारियों का मानना है कि यदि यह चैट वास्तविक साबित होती है, तो यह हत्या की कथित साजिश की समय-सीमा (Timeline) और मकसद (Motive) को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कथित तौर पर मांगे गए आधार कार्ड का इस्तेमाल शादी से जुड़ी फ्लाइट टिकट बुकिंग के लिए किया जाना था या फिर यह किसी बड़ी योजना का हिस्सा था, जिससे यह दिखाया जा सके कि शादी की तैयारियां सामान्य रूप से चल रही थीं।

जांच एजेंसियों के अनुसार, अब उस दोस्त का बयान दर्ज किया जा सकता है, जिससे कथित तौर पर आधार कार्ड मांगा गया था। पुलिस यह जानना चाहती है कि—
क्या उसे कथित साजिश की कोई जानकारी थी?
क्या उसने केवल आधार कार्ड साझा किया था या किसी अन्य तैयारी में भी उसकी भूमिका थी?
क्या शादी की तैयारियों को सामान्य दिखाने की कोई योजना बनाई गई थी?
फिलहाल पुलिस ने दोस्त को आरोपी नहीं माना है। जांच का उद्देश्य केवल उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि करना और घटनाक्रम को स्पष्ट करना है।

जांच में पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन से डिलीट किया गया डेटा भी रिकवर किया है। अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल फोन में कई चैट, कॉल रिकॉर्ड और कथित कोड वर्ड्स मिले हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि डिजिटल फॉरेंसिक रिपोर्ट और मोबाइल डेटा इस मामले में परिस्थितिजन्य साक्ष्य (Circumstantial Evidence) को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसी वजह से जांच एजेंसियां मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की गहन जांच कर रही हैं।

पुलिस के अनुसार, रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की 18 जून को पुणे के लोहगढ़ किले के पास एक खाई में गिरने से मौत हुई थी। शुरुआती तौर पर इसे हादसा माना गया, लेकिन बाद में परिवार की शिकायत और जांच के आधार पर पुलिस ने इसे कथित हत्या का मामला मानते हुए केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित मित्र चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया।
एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि दोनों ने मिलकर केतन को खाई में धक्का दिया। हालांकि दोनों आरोपियों पर लगे आरोपों का अंतिम फैसला अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा।
![]()
पुलिस हिरासत समाप्त होने के बाद अदालत ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने अतिरिक्त हिरासत की मांग की थी ताकि दोनों से आमने-सामने पूछताछ कर डिजिटल साक्ष्यों और कथित कोडेड बातचीत का अर्थ समझा जा सके, लेकिन अदालत ने यह मांग स्वीकार नहीं की। अब जांच एजेंसियां उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं।