जिले के कलवारी थाना क्षेत्र के बैजलपुर गांव में 30 वर्षीय युवक मनीष चौरसिया की इलाज के दौरान मौत के बाद हंगामा खड़ा हो गया है। परिजनों ने डायल-112 पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि पुलिसकर्मियों की कथित पिटाई के कारण मनीष गंभीर रूप से घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है, जबकि परिवार न्याय की मांग कर रहा है।
घरेलू विवाद के बाद पहुंची थी डायल-112 पुलिस
परिजनों के अनुसार, गुरुवार शाम घर में किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी, जिसके बाद मनीष के पिता ने मदद के लिए डायल-112 पुलिस को बुलाया। मृतक की मां का आरोप है कि पुलिस मनीष को गांव के प्रधान के दरवाजे पर ले गई, जहां उसके साथ मारपीट की गई। उनका दावा है कि मारपीट में मनीष गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद पुलिस मौके से चली गई।
इलाज के दौरान तोड़ा दम, परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
परिवार के लोगों ने घायल मनीष को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कलवारी, फिर जिला अस्पताल और बाद में कैली अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मनीष की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मृतक की मां का आरोप है कि घटनास्थल पर खून के निशान मौजूद थे, जिन्हें अगले दिन सुबह साफ कर दिया गया। उनका यह भी दावा है कि ग्राम प्रधान के घर पर लगे सीसीटीवी कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड हुई है।
पत्नी और दो छोटे बच्चों का सहारा था मनीष
मृतक मनीष चौरसिया बेंगलुरु में मेहंदी लगाने का काम करता था और कुछ समय पहले ही अपने गांव लौटा था। वह अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गया है। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई और इलाज मिलता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव, जांच में जुटी पुलिस
वहीं, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।