सहारनपुर के थाना सरसावा में हापुड़ में तैनात जिला पूर्ति अधिकारी (डीएसओ) सीमा चौधरी समेत पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और जान से मारने की धमकी सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई सीमा चौधरी की मां मुनेश रानी की तहरीर के आधार पर की गई है।
बैंक खाते के दुरुपयोग का आरोप
मुनेश रानी, जो सरसावा थाना क्षेत्र के ग्राम मीरपुर सीतापुर की निवासी हैं, ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी ने कथित तौर पर अपनी अवैध कमाई को छिपाने के लिए उनके नाम से बैंक खाते का इस्तेमाल किया। उनका कहना है कि उनकी जानकारी और अनुमति के बिना खाते में करीब 15 लाख रुपये जमा किए गए। मोबाइल पर बैंक से संदेश आने के बाद उन्हें इस लेनदेन की जानकारी मिली।
जमीन हड़पने की साजिश का भी आरोप
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि सीमा चौधरी ने चार अन्य लोगों के साथ मिलकर उनकी जमीन हड़पने की साजिश रची। पीड़िता का दावा है कि 16 सितंबर 2023 की एक कथित फर्जी रसीद और जाली हस्ताक्षरों के जरिए उनकी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया गया। मामले की जानकारी उन्हें तहसील प्रशासन से मिली।
विरोध करने पर मिली जान से मारने की धमकी
मुनेश रानी का आरोप है कि जब उन्होंने इस पूरे मामले का विरोध किया तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने बताया कि परिस्थितियों के चलते उन्हें अपनी जमीन देहरादून निवासी नैन्सी को बेचनी पड़ी। उनका कहना है कि उन्होंने पहले 13 मई को थाना सरसावा में शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की।
एसएसपी के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
पीड़िता की शिकायत पर जांच कराए जाने के बाद 30 जून को सीमा चौधरी समेत पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस जांच जारी
क्षेत्राधिकारी सरसावा पवन कुमार ने बताया कि उपलब्ध साक्ष्यों और शिकायत के आधार पर थाना सरसावा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।