नई दिल्ली/लंदन: ब्रिटेन में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे एक भारतीय छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आने के बाद परिवार, भारतीय समुदाय और स्थानीय प्रशासन में चिंता का माहौल है। मृतक की पहचान तेलंगाना के कामारेड्डी जिले के निवासी 25 वर्षीय श्रीनाथ रेड्डी के रूप में हुई है। ब्रिटेन की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फिलहाल मौत के कारणों को लेकर कोई आधिकारिक निष्कर्ष जारी नहीं किया गया है।
श्रीनाथ रेड्डी करीब 14 महीने पहले उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन गए थे। परिवार के अनुसार वह मास्टर डिग्री की पढ़ाई कर रहे थे और नियमित रूप से अपने घरवालों से संपर्क में रहते थे। उनकी अचानक मौत की खबर मिलने के बाद परिवार गहरे सदमे में है और उन्होंने भारतीय तथा राज्य सरकार से शव को जल्द भारत लाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की है।

परिजनों के मुताबिक, घटना से एक रात पहले श्रीनाथ अपने एक मित्र के जन्मदिन समारोह में शामिल हुए थे। वहां से लौटने के बाद वह अपने कमरे में चले गए। अगले दिन सुबह उनके रूममेट ने उन्हें कमरे में मृत पाया, जिसके बाद स्थानीय पुलिस और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी है।
मृतक के पिता का कहना है कि घटना से एक रात पहले उनकी बेटे से फोन पर सामान्य बातचीत हुई थी और उस समय किसी तरह की परेशानी का संकेत नहीं मिला था। परिवार का कहना है कि वे किसी पर आरोप नहीं लगा रहे हैं, लेकिन यह जानना चाहते हैं कि आखिर उनके बेटे की मौत कैसे हुई। उन्होंने भारत सरकार, ब्रिटेन स्थित भारतीय उच्चायोग और तेलंगाना सरकार से हर संभव सहायता की मांग की है।
ब्रिटेन की पुलिस ने मामले को अपने हाथ में लेते हुए मौत के सभी संभावित पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने अभी तक यह नहीं बताया है कि मौत प्राकृतिक कारणों से हुई, दुर्घटना थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल किसी भी प्रकार की अटकलों से बचने की अपील की गई है।
यह घटना एक बार फिर विदेशों में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा और सहायता व्यवस्था को लेकर चर्चा का विषय बन गई है। हर साल हजारों भारतीय छात्र उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन, अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों का रुख करते हैं। अधिकांश छात्र सुरक्षित माहौल में अपनी पढ़ाई पूरी करते हैं, लेकिन समय-समय पर सामने आने वाली ऐसी घटनाएं चिंता बढ़ा देती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को स्थानीय कानूनों, आपातकालीन सेवाओं और भारतीय दूतावास से संपर्क की प्रक्रिया की जानकारी होना जरूरी है। साथ ही विश्वविद्यालयों और स्थानीय प्रशासन को भी अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए सहायता तंत्र को और मजबूत करना चाहिए।

ऐसे मामलों में सामान्य प्रक्रिया के तहत भारतीय उच्चायोग या दूतावास स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करता है, परिजनों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराता है और शव को भारत भेजने की प्रक्रिया में सहयोग करता है। हालांकि इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक बयान और जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
फिलहाल यह मामला जांच के अधीन है। सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे और अटकलें सामने आ रही हैं, लेकिन पुलिस ने अभी तक किसी भी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और पुलिस की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।