तेहरान/नई दिल्ली: ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम विदाई कार्यक्रम की तैयारियां तेज हो गई हैं। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अंतिम श्रद्धांजलि और राजकीय अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम कई दिनों तक अलग-अलग शहरों में आयोजित किए जाएंगे। इन समारोहों में लाखों लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है, जबकि विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों को भी आमंत्रित किया गया है।
ईरानी मीडिया और सरकारी सूत्रों के अनुसार, अंतिम विदाई कार्यक्रम राजधानी तेहरान से शुरू होगा। इसके बाद धार्मिक महत्व वाले शहर क़ोम में विशेष श्रद्धांजलि सभा आयोजित की जाएगी। अंतिम चरण में अयातुल्ला अली खामेनेई को मशहद में इमाम रज़ा दरगाह परिसर के निकट सुपुर्द-ए-खाक किए जाने की योजना है। यह पूरा कार्यक्रम कई दिनों तक चलेगा।

रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने कई देशों को राजकीय अंतिम संस्कार समारोह में शामिल होने का निमंत्रण भेजा है। भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी इन कार्यक्रमों में हिस्सा लेगा। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक भारत सरकार की ओर से केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री और बिहार के राज्यपाल सहित एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ईरान जाएगा।
विश्लेषकों का मानना है कि अंतिम संस्कार में विभिन्न देशों की भागीदारी ईरान के साथ उनके राजनयिक संबंधों का भी संकेत मानी जाएगी।
समारोह को देखते हुए ईरान में सुरक्षा व्यवस्था को काफी सख्त कर दिया गया है। राजधानी तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और कार्यक्रम स्थलों के आसपास विशेष सुरक्षा घेरा बनाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि लाखों लोगों की संभावित मौजूदगी को देखते हुए व्यापक सुरक्षा योजना तैयार की गई है।

अंतिम विदाई कार्यक्रम के दौरान ईरान में राष्ट्रीय शोक का माहौल है। सरकारी इमारतों और सार्वजनिक स्थलों पर शोक संबंधी व्यवस्थाएं की गई हैं। बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने के लिए कार्यक्रम स्थलों पर पहुंच रहे हैं। धार्मिक नेताओं और सरकारी अधिकारियों ने नागरिकों से शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।

अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद ईरान की आंतरिक राजनीति और पश्चिम एशिया की रणनीतिक स्थिति पर दुनिया की नजर बनी हुई है। नए नेतृत्व के सामने घरेलू प्रशासन, विदेश नीति और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे होंगे। हालांकि इन विषयों पर आगे की दिशा ईरानी नेतृत्व के आधिकारिक निर्णयों के बाद ही स्पष्ट होगी।
अधिकारियों के अनुसार, अंतिम संस्कार कार्यक्रम पूरा होने के बाद ईरान का नया नेतृत्व देश की राजनीतिक और प्रशासनिक प्राथमिकताओं को लेकर आगे की रूपरेखा प्रस्तुत कर सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी इस प्रक्रिया पर नजर रहेगी, क्योंकि इसका असर क्षेत्रीय कूटनीति और वैश्विक संबंधों पर पड़ सकता है।