पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को एक महत्वपूर्ण चर्चा का आयोजन किया गया। इस दौरान पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने कहा कि पंचायतें पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत इकाइयां हैं, जो स्थानीय स्तर पर बड़े बदलाव की क्षमता रखती हैं।
पंचायतों के जरिए बन सकता है जनआंदोलन
मंत्री ने कहा कि पंचायतों के माध्यम से जल संरक्षण, हरित आवरण के विस्तार, अपशिष्ट प्रबंधन, जैविक खेती और स्थानीय संसाधनों के संरक्षण जैसे विषयों को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार होने वाले स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और ग्रामीण समुदायों को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दिया।
विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव और सुझाव
चर्चा में हिमालयी पर्यावरण अध्ययन एवं संरक्षण संगठन (हेस्को) के संस्थापक और पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी, आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. टीएन सिंह तथा आईआईआईटी भागलपुर के निदेशक प्रो. मधुसूदन सिंह ने भाग लिया। सभी विशेषज्ञों ने पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।
ग्रामीण आजीविका और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
बैठक में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के विषय पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका और स्थानीय आर्थिक विकास को नई दिशा मिल सकती है।
स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़ने पर जोर
चर्चा के दौरान स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन, उन्हें बड़े बाजारों से जोड़ने और सामुदायिक संसाधनों की कम्युनिटी ओनरशिप को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया गया। साथ ही महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ाने के उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
'जल-जीवन-हरियाली' अभियान का किया उल्लेख
विभागीय सचिव मनोज कुमार ने राज्य सरकार की ओर से संचालित 'जल-जीवन-हरियाली' अभियान सहित अन्य पर्यावरणीय योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन पहलों के माध्यम से जल संरक्षण, हरित क्षेत्र विस्तार और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
पर्यावरण और आर्थिक विकास के लिए बनेगी कमिटी
बैठक के दौरान मंत्री दीपक प्रकाश ने पंचायतों में पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास को एकीकृत रूप से आगे बढ़ाने के लिए एक विशेष कमिटी गठित करने का निर्देश दिया। यह कमिटी भविष्य की कार्ययोजना तैयार करने और आवश्यक सुझाव देने का काम करेगी।
अधिकारी भी रहे मौजूद
इस अवसर पर अपर सचिव डॉ. आदित्य प्रकाश सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने पंचायतों की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए।