बहराइच: जिले की महसी तहसील के अंतर्गत महराजगंज नहर में आठ मृत गोवंश मिलने के बाद स्थानीय लोगों ने गो-संरक्षण व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। घटना के बाद ग्रामीणों में नाराजगी है और मामले की जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।
नहर के साइफन में मिले सड़े-गले शव
ग्रामीणों के अनुसार, तहसील मुख्यालय से करीब दो किलोमीटर दूर महराजगंज नहर के साइफन में आठ गोवंशों के शव फंसे हुए मिले। उनका दावा है कि शव कई दिनों से वहां पड़े थे, जिससे आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध फैल गई थी।
समय पर कार्रवाई न होने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्होंने ब्लॉक और तहसील प्रशासन को कई बार सूचना दी, लेकिन समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतों के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे, तब तक शव पूरी तरह सड़ चुके थे।
बीडीओ के बयान पर विवाद
घटना के दौरान बीडीओ प्रतीक सिंह के कथित बयान को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि पोस्टमार्टम के संबंध में दिए गए उनके बयान से प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठे हैं। इस संबंध में प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
जेसीबी से दफनाए गए मृत गोवंश
प्रशासन ने बाद में जेसीबी मशीन की मदद से गड्ढा खुदवाकर मृत गोवंशों को दफनाने की कार्रवाई कराई। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कार्रवाई देर से की गई और केवल औपचारिकता बनकर रह गई।
ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग
स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।