मंगलवार को हुई कुछ देर की बारिश ने नगर निगम और स्मार्ट सिटी परियोजना के दावों पर सवाल खड़े कर दिए। मामूली बारिश के बाद ही शहर के प्रमुख मार्ग, कॉलोनियां, बाजार और कई आवासीय क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति बन गई। कई सड़कें तालाब जैसी नजर आईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सड़कों पर भरा पानी, यातायात हुआ प्रभावित
बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव के कारण वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। कई दोपहिया वाहन पानी में फंस गए, जबकि पैदल चलने वाले लोगों को घुटनों तक पानी से होकर गुजरना पड़ा। इससे आमजन के साथ-साथ स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
जलनिकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। कई स्थानों पर नालों का पानी सड़कों पर भर गया, जिससे यह साफ दिखाई दिया कि ड्रेनेज सिस्टम प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रहा है।
स्मार्ट सिटी परियोजना पर नागरिकों ने जताई नाराजगी
शहरवासियों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से चल रहे विकास कार्य और स्मार्ट सिटी परियोजना के दावे हर बारिश में सवालों के घेरे में आ जाते हैं। उनका आरोप है कि नालों की समय पर सफाई नहीं होने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था के अभाव में मामूली बारिश भी शहर की रफ्तार थाम देती है।
महापौर आवास के आसपास भी जलभराव
स्थानीय नागरिकों ने दावा किया कि महापौर आवास के आसपास भी जलभराव की स्थिति बनी रही। उनका कहना है कि यदि प्रमुख क्षेत्रों का यह हाल है, तो शहर के अन्य इलाकों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
स्थायी समाधान की उठी मांग
शहरवासियों ने प्रशासन और नगर निगम से मांग की है कि जलभराव वाले क्षेत्रों का स्थायी समाधान किया जाए। साथ ही नालों की नियमित सफाई, बेहतर जलनिकासी व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य सुनिश्चित किए जाएं, ताकि हर बारिश के साथ शहर को जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े।