बिहार अब केवल बेहतर सड़क और आधारभूत संरचना के लिए ही नहीं, बल्कि नागरिक उड्डयन क्षेत्र में भी तेजी से नई पहचान बना रहा है। 'बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026' के तहत शुरू की गई 'पटना जॉय राइड' सेवा के साथ राज्य में हेली-टूरिज्म के नए युग की शुरुआत हुई है। इसके साथ ही बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट युवाओं को पायलट बनने का अवसर देकर राज्य के विमानन क्षेत्र को नई दिशा दे रहा है।
'पटना जॉय राइड' से हेली-टूरिज्म को मिली नई उड़ान
'पटना जॉय राइड' सेवा के माध्यम से बिहार में हेली-टूरिज्म को बढ़ावा देने की पहल की गई है। सरकार का मानना है कि इस योजना से पर्यटन को नई गति मिलेगी और विमानन क्षेत्र में पायलटों तथा अन्य पेशेवरों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
सीएम सम्राट चौधरी ने किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 'बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026' के तहत 'पटना जॉय राइड' सेवा का शुभारंभ किया। इसी अवसर पर बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के नए अत्याधुनिक हैंगर का भी उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) का प्रशिक्षण पूरा करने वाले चार प्रशिक्षुओं को प्रमाण-पत्र और एपॉलेट भी प्रदान किए गए।
मुजफ्फरपुर में बनेगा सैटेलाइट कैंपस
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि मुजफ्फरपुर में बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट का सैटेलाइट कैंपस स्थापित किया जाएगा। इससे उत्तर बिहार के युवाओं को अपने क्षेत्र के पास ही पायलट प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह भी बताया कि मुजफ्फरपुर हवाई अड्डे के नए टर्मिनल भवन और रनवे विकास के लिए जल्द टेंडर जारी किया जाएगा।
पूर्वी भारत के सबसे पुराने संस्थानों में शामिल
वर्ष 1940 में बिहार फ्लाइंग क्लब के रूप में स्थापित बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट पूर्वी भारत के सबसे पुराने विमानन प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है। पिछले आठ दशकों में यहां से प्रशिक्षित कई पायलट देश और विदेश की विभिन्न एयरलाइनों तथा विमानन संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
आधुनिक विमानों से दिया जा रहा प्रशिक्षण
वर्तमान में संस्थान में 24 प्रशिक्षु प्राइवेट पायलट लाइसेंस (PPL) और 28 प्रशिक्षु कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) का प्रशिक्षण ले रहे हैं। प्रशिक्षण के लिए संस्थान के पास चार आधुनिक Cessna 172R विमान उपलब्ध हैं, जिनके माध्यम से डीजीसीए (DGCA) के मानकों के अनुरूप उड़ान प्रशिक्षण कराया जा रहा है।
व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण पर विशेष जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम में ग्राउंड स्कूल की सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक उड़ान संचालन, एयर नेविगेशन, विमान प्रणाली, विमान नियमावली और मौसम विज्ञान का प्रशिक्षण भी शामिल है। सभी पाठ्यक्रम डीजीसीए के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संचालित किए जा रहे हैं।
सरकारी सहायता से आम युवाओं का सपना हो रहा साकार
कमर्शियल पायलट करन कुमार भारती ने बताया कि बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में अत्याधुनिक एयर ट्रैफिक कंट्रोल सुविधा, आधुनिक प्रशिक्षण विमान और उच्च गुणवत्ता वाली प्रशिक्षण व्यवस्था उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सरकारी सब्सिडी और किफायती शुल्क की वजह से सामान्य परिवारों के युवा भी अब पायलट बनने का सपना पूरा कर पा रहे हैं।
युवाओं के लिए नए अवसरों का केंद्र बन रहा बिहार
बिहार सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट राज्य के युवाओं को नई उड़ान देने का काम कर रहा है। अत्याधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं और सरकारी सहयोग के जरिए बिहार विमानन क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।