समस्तीपुर में केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद आंदोलनकारियों के बीच खुशी का माहौल देखने को मिला। आइसा (AISA) और आरवाईए (RYA) के कार्यकर्ताओं ने ताजपुर में विजय जुलूस निकालकर आंदोलन की सफलता का दावा किया और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर जश्न मनाया।
विजय जुलूस निकालकर मनाई खुशी
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की सूचना मिलते ही ताजपुर में आइसा-आरवाईए कार्यकर्ताओं ने विजय जुलूस निकाला। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मिठाइयां बांटी और इसे छात्रों के आंदोलन की जीत बताया।
आंदोलन को बताया छात्रों के भविष्य की लड़ाई
मौके पर आइसा-आरवाईए के जिला प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने कहा कि यह आंदोलन छात्रों और युवाओं के भविष्य को बचाने की लड़ाई थी। उन्होंने दावा किया कि लगातार संघर्ष और जनदबाव के बाद सरकार को अपना फैसला बदलना पड़ा।
पुलिस कार्रवाई पर लगाए गंभीर आरोप
सुरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर से लेकर बिहार राजभवन मार्च तक आंदोलनकारियों पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की। उनके अनुसार, सैकड़ों छात्र-युवाओं को गिरफ्तार किया गया, कई लोगों पर मुकदमे दर्ज किए गए और अनेक आंदोलनकारी घायल हुए। इसके बावजूद आंदोलन जारी रहा।
बिहार बंद और विरोध प्रदर्शन को बताया सफल
आइसा-आरवाईए नेताओं ने दावा किया कि शनिवार को आयोजित देशव्यापी विरोध दिवस और बिहार बंद पूरी तरह सफल रहा। उनका कहना था कि आंदोलन के दबाव के कारण ही सरकार को अंततः धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करना पड़ा।
गिरफ्तार आंदोलनकारियों की रिहाई की मांग
कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनका आंदोलन अभी समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने मांग की कि आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए सभी छात्र-युवाओं को तुरंत रिहा किया जाए और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं। नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।