नेपाल की आर्थिक राजधानी माने जाने वाले बीरगंज शहर में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में भारत और नेपाल से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। पूरे शहर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला और जयकारों के बीच श्रद्धालु रथयात्रा में शामिल हुए।
गहवा माई स्थान से शुरू हुई रथयात्रा
रथयात्रा का शुभारंभ गहवा माई स्थान से पारंपरिक पूजा-अर्चना और वैदिक विधि-विधान के साथ किया गया। सुसज्जित रथ को श्रद्धालुओं की मौजूदगी में रवाना किया गया, जिसके बाद यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी।
प्रमुख मार्गों से होकर निकली शोभायात्रा
भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा घंटाघर चौक, बस स्टैंड रोड, आदर्श नगर, छपकैया सहित शहर के विभिन्न प्रमुख इलाकों से होकर पुनः गहवा माई स्थान पहुंची। पूरे मार्ग में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ और गहवा माई के जयकारे लगाते हुए ढोल-नगाड़ों और भक्ति गीतों के साथ नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे।
स्कूल-कॉलेजों में रहा अवकाश
रथयात्रा को लेकर बीरगंज के स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित किया गया था, ताकि विद्यार्थी और स्थानीय नागरिक इस धार्मिक आयोजन में शामिल हो सकें। आयोजन समिति के अनुसार यह रथयात्रा लगातार चौथे वर्ष आयोजित की गई और हर वर्ष इसमें श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
रथयात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए नेपाल पुलिस, नेपाल आर्म्ड पुलिस फोर्स और नेपाल प्रहरी के जवान पूरे मार्ग पर तैनात रहे। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी लगातार निगरानी रखी, जिससे आयोजन बिना किसी व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
आस्था और उत्सव में डूबा बीरगंज
बरसात के मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में श्रद्धालु रथयात्रा में शामिल हुए। पूरे आयोजन के दौरान बीरगंज शहर धार्मिक आस्था, भक्ति और उत्सव के रंग में रंगा नजर आया।