समाजवादी पार्टी (सपा) महिला सभा की जिलाध्यक्ष स्मिता यादव के नेतृत्व में सोमवार को पार्टी कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं ने पार्टी कार्यालय से थाली और चम्मच बजाते हुए मार्च निकाला और प्रदेश व केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की।
रोजगार, पेपर लीक और महिलाओं की सुरक्षा को बनाया मुद्दा
प्रदर्शन के दौरान महिला कार्यकर्ताओं ने बेरोजगारी, पेपर लीक, कानून-व्यवस्था, महंगाई और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। कार्यकर्ताओं ने सरकार से इन समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
थाली बजाने को लेकर सरकार पर साधा निशाना
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष स्मिता यादव ने कहा कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री द्वारा लोगों से थाली बजाने की अपील की गई थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि थाली बजाने से महामारी से लड़ने का संदेश दिया जा सकता है, तो शायद भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, पेपर लीक और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर भी सरकार का ध्यान आकर्षित हो सके।
उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक और रोजगार के अवसरों की कमी से युवाओं में निराशा बढ़ रही है और सरकार इन मुद्दों पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है।
राम मंदिर और नोटबंदी का भी किया जिक्र
स्मिता यादव ने अपने संबोधन में नोटबंदी सहित केंद्र सरकार के कई फैसलों पर सवाल उठाए। उन्होंने राम मंदिर के मुद्दे पर कहा कि भगवान राम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं और समाजवादी पार्टी भी उनका सम्मान करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा राम के नाम पर राजनीति करती है, जबकि उनकी पार्टी सामाजिक सौहार्द और जनहित के मुद्दों पर विश्वास रखती है।
जनसमस्याओं के समाधान की मांग
प्रदर्शन के दौरान सपा महिला सभा की कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोजगार, बेहतर कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करने की मांग की।