नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में मानसून की बारिश के बीच भी जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party-CJP) का विरोध प्रदर्शन थमता नजर नहीं आया। तेज बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी अपने बैनर, पोस्टर और नारों के साथ डटे रहे। कई लोगों ने रेनकोट और छतरियों का सहारा लिया, जबकि कुछ प्रदर्शनकारी बारिश में भी खुले आसमान के नीचे बैठे रहे। सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रही हैं, जिनमें बारिश के बावजूद आंदोलन जारी रहने का दावा किया जा रहा है।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत एक ऑनलाइन व्यंग्यात्मक (satirical) अभियान के रूप में हुई थी, लेकिन समय के साथ यह युवाओं के एक संगठित आंदोलन में बदल गई। संगठन का कहना है कि उसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक, भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे मुद्दों को उठाना है। संगठन लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है।
![]()
दिल्ली में हुई बारिश के दौरान जंतर-मंतर का माहौल अलग ही दिखाई दिया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मौसम उनके आंदोलन को कमजोर नहीं कर सकता। कई लोग भारतीय तिरंगा, संविधान की प्रतियां और मांगों से जुड़े पोस्टर लेकर पहुंचे। आयोजकों ने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की और प्रतिभागियों से किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहने को कहा।
इस आंदोलन को उस समय और अधिक चर्चा मिली जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जंतर-मंतर पहुंचे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा जवाबदेही की मांग का समर्थन किया। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने अनिश्चितकालीन अनशन भी शुरू किया, जिससे आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर अधिक ध्यान मिला।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह आंदोलन सोशल मीडिया से निकलकर वास्तविक धरातल पर पहुंचने वाले नए दौर के आंदोलनों का उदाहरण बन गया है। इंस्टाग्राम, एक्स (पूर्व में ट्विटर) और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर तेजी से लोकप्रिय होने के बाद हजारों युवाओं ने जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन में हिस्सा लिया। इस आंदोलन को लेकर समर्थकों और आलोचकों के बीच बहस भी लगातार जारी है।
हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट ने कॉकरोच जनता पार्टी के एक्स (X) अकाउंट को दोबारा बहाल करने का निर्देश दिया। पार्टी ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की दिशा में महत्वपूर्ण फैसला बताया। इस घटनाक्रम के बाद आंदोलन एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन गया।
प्रदर्शनकारी मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें उठा रहे हैं—