टीवी इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री शिल्पा शिंदे एक बार फिर अपने बेबाक बयानों को लेकर चर्चा में हैं। 'भाभीजी घर पर हैं' से घर-घर में पहचान बनाने वाली शिल्पा ने इस बार टेलीविजन इंडस्ट्री के कामकाज और कलाकारों के साथ होने वाले व्यवहार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इंडस्ट्री में कलाकारों का शोषण होता है और कई प्रोड्यूसर्स अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल करते हैं।
शहजादा धामी की बकाया पेमेंट के मुद्दे पर दिया बयान
हाल ही में खबरें सामने आई थीं कि टीवी अभिनेता शहजादा धामी को उनके काम के बदले मिलने वाली करीब 30 लाख रुपये की राशि अब तक नहीं मिली है। इसी मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए शिल्पा शिंदे ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया और इंडस्ट्री के अंदरूनी सिस्टम पर खुलकर अपनी बात रखी।
'कलाकारों को महीनों तक नहीं मिलती पूरी पेमेंट'
शिल्पा शिंदे का दावा है कि कई कलाकारों को अपनी मेहनत की कमाई के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि कई बार महीनों गुजर जाने के बाद भी कलाकारों को उनकी पूरी पेमेंट नहीं मिलती। उनके मुताबिक, आर्थिक और पेशेवर दबाव के कारण कलाकार मजबूरी में चुप रहते हैं, जबकि कुछ प्रोड्यूसर्स अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके उन्हें आवाज उठाने से रोकते हैं।
'टीवी इंडस्ट्री में व्हाइट-कॉलर माफिया सक्रिय है'
अपने वीडियो में शिल्पा ने बेहद सख्त शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि कुछ प्रोड्यूसर्स इंडस्ट्री में माफिया की तरह काम करते हैं। उन्होंने कहा, "टीवी इंडस्ट्री में कुछ प्रोड्यूसर्स व्हाइट-कॉलर माफिया की तरह काम करते हैं। जो लोग उनके खिलाफ खड़े होने की कोशिश करते हैं, उन्हें डराया-धमकाया जाता है। उन्हें यह एहसास कराया जाता है कि भविष्य में कोई भी उनका साथ नहीं देगा।" शिल्पा का कहना है कि कलाकारों के पास उतनी ताकत नहीं होती क्योंकि उनकी पेमेंट लंबे समय तक रोकी जाती है और कई मामलों में उन्हें पूरा भुगतान भी नहीं मिल पाता।
कलाकारों के संगठनों पर भी उठाए सवाल
शिल्पा शिंदे ने केवल प्रोड्यूसर्स ही नहीं, बल्कि कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाले संगठनों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि जब कलाकार मुश्किल परिस्थितियों में होते हैं, तब कई बार ये संस्थाएं अपेक्षित समर्थन नहीं दे पातीं। ऐसे में कलाकार खुद को अकेला और असहाय महसूस करते हैं।
अपने पुराने संघर्षों को किया याद
अभिनेत्री ने अपने करियर के उस दौर को भी याद किया जब वह खुद विवादों और संघर्षों से गुजर रही थीं। उन्होंने कहा, "जब मैं मुश्किल दौर से गुजर रही थी, तब किसी ने खुलकर मेरा समर्थन नहीं किया। मुझे लालची कहा गया, मेरे बारे में तरह-तरह की बातें की गईं, लेकिन किसी ने यह समझने की कोशिश नहीं की कि सच्चाई क्या थी।" शिल्पा का मानना है कि आज भी कई कलाकार सच बोलने से डरते हैं क्योंकि उन्हें अपने करियर पर असर पड़ने का भय रहता है।
सह-कलाकारों से भी जताई नाराजगी
शिल्पा ने अपने पूर्व सह-कलाकारों पर भी निशाना साधा। उनका कहना है कि जिन लोगों के साथ उन्होंने काम किया, उनमें से किसी ने भी मुश्किल समय में उनका साथ नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आज भी कई लोग सच जानते हैं, लेकिन खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते।
'जरूरत पड़ी तो सब्जियां बेच लूंगी'
वीडियो में शिल्पा शिंदे का सबसे चर्चित बयान वह रहा, जिसमें उन्होंने कहा कि वह ऐसे लोगों के सामने झुकने के बजाय सड़क पर सब्जियां बेचना पसंद करेंगी। उन्होंने कहा, "अगर जरूरत पड़ी तो मैं सड़क पर सब्जियां बेच लूंगी, लेकिन ऐसे लोगों के सामने सिर नहीं झुकाऊंगी।"
टीवी कंटेंट की गुणवत्ता पर भी उठाए सवाल
शिल्पा ने मौजूदा टीवी कंटेंट की गुणवत्ता पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि आज इंडस्ट्री में क्रिएटिविटी की कमी दिखाई देती है और कंटेंट पहले जैसा प्रभावशाली नहीं रह गया है। उनके इस बयान के बाद टीवी इंडस्ट्री में कामकाज के तौर-तरीकों और कलाकारों के अधिकारों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।