दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर भाजपा विधायक और पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि युवाओं को किसी भी परिस्थिति में राजनीति का शिकार नहीं बनना चाहिए और इस पूरे घटनाक्रम को संवेदनशीलता के साथ देखने की जरूरत है।
"लाठीचार्ज दुर्भाग्यपूर्ण, हम भी संवेदनशील हैं"
आनंद मिश्रा ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान जिस तरह से युवाओं पर लाठीचार्ज हुआ, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार भी इस मामले को गंभीरता से देख रही है और इस घटना को लेकर संवेदनशील है।
"आक्रोश की भी एक सीमा होनी चाहिए"
उन्होंने कहा कि जब सरकार इस मुद्दे पर चर्चा कर रही थी और संसद में भी मामला उठाया जा रहा था, तब छात्रों को अत्यधिक उग्र होने की आवश्यकता नहीं थी। उनके अनुसार, विरोध दर्ज कराने का अधिकार सभी को है, लेकिन प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए।
विपक्ष पर भड़काने का आरोप
बीजेपी विधायक ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने छात्रों को उकसाने का काम किया। उनका कहना था कि सड़क से लेकर संसद तक इस मुद्दे पर चर्चा हो रही थी, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोगों ने माहौल को अधिक तनावपूर्ण बना दिया।
"कुछ जिम्मेदारी छात्रों की भी"
आनंद मिश्रा ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में जितनी जिम्मेदारी एनटीए (NTA) और सरकार की है, उतनी ही कुछ जिम्मेदारी छात्रों की भी बनती है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन के दौरान दिखाई गई उग्रता से स्थिति बिगड़ी, हालांकि लाठीचार्ज में घायल हुए छात्र भी देश के अपने ही बच्चे हैं और उनके प्रति सभी की संवेदनाएं हैं।
शांतिपूर्ण समाधान पर दिया जोर
उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों का समाधान संवाद और शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए, ताकि छात्रों के हितों की रक्षा हो सके और किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।