MGNREGA News: संसद के गलियारों से लेकर विपक्षी दलों के विभिन्न मुख्यालयों पर नए ‘जी राम जी’ बिल के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत विपक्ष के अन्य नेता संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान मनरेगा का स्थान लेने वाले प्रस्तावित बिल का विरोध कर रहे हैं। इस बीच एनडीए में भी खींचतान की खबरें आ रही हैं।
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, जेडीयू और टीडीपी ने वीबी-जी राम जी विधेयक के बारे में चिंता व्यक्त की है। बीजेपी के सहयोगी दलों का कहना है कि वे प्रस्तावित विधेयक के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन राज्यों को बढ़े हुए खर्च के संबंध में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। जेडीयू और टीडीपी ने भले ही नए जी राम जी बिल का मुखर विरोध नहीं किया है, लेकिन उनका रुख बीजेपी के लिए चिंताजनक है।
नए ‘जी राम जी’ बिल पर जेडीयू-टीडीपी के रुख से चिंता में बीजेपी खेमा?
केंद्र की सत्तारूढ़ गठबंधन एनडीए के महत्वपूर्ण हिस्से बने जेडीयू और टीडीपी ने नए जी राम जी बिल का खुला विरोध नहीं किया है। हालांकि, दोनों दलों ने नए प्रस्तावित बिल के कुछ प्रावधानों पर असहमति जताई है। चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी और नीतीश कुमार की जेडीयू ने राज्य के बढ़ते खर्च को पूरा करने के लिए केंद्र से अधिक धन की मांग की है। यह मांग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बीजेपी जी राम जी बिल की विशेषताओं की प्रशंसा कर रही है।
ऐसे में उनके सहयोगी दलों द्वारा नए बिल के कुछ प्रावधानों पर आपत्ति उठाना अनेक सवाल खड़े कर रहा है। जेडीयू ने कहा है कि राज्यों को बढ़े हुए खर्च के संबंध में कई चुनौतियों का सामना करना होगा। टीडीपी सांसद लावु श्री कृष्ण देवरायलु ने कहा, “आंध्र प्रदेश 2014 से ही नकदी की कमी का सामना कर रहा है। पिछले डेढ़ साल से हम सरकार के साथ विभिन्न योजनाओं पर काम कर रहे हैं, और जब भी हमने मदद मांगी है, केंद्र सरकार ने हमारी सहायता की है। इसलिए, हम इसी मामले में भी ऐसा ही होने की उम्मीद करते हैं।”
दोनों दलों की प्रतिक्रियाएं विपक्षी सुरों से मेल खा रही हैं। यही कारण है कि बीजेपी खेमा चिंता में दिखाई दे रहा है। बीजेपी के किसी नेता ने खुलकर मनरेगा का स्थान लेने वाले नए जी राम जी बिल पर जेडीयू-टीडीपी के रुख पर टिप्पणी नहीं की है, लेकिन गुप्त चर्चाओं का दौर जारी है।
प्रस्तावित बिल के विरोध में एकजुट हुआ विपक्ष!
प्रसिद्ध रोजगार योजना मनरेगा का नाम बदलने के केंद्र के निर्णय के खिलाफ पूरा विपक्ष एकजुट हो चुका है। संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, शशि थरूर, अखिलेश यादव, मनोज झा, कनिमोझी, कल्याण बनर्जी सहित अन्य सांसदों ने नए प्रस्तावित जी राम जी बिल के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई है। विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार महात्मा गांधी के नाम को हटाना चाहती है, जिससे सियासी संग्राम का दौर छिड़ गया है और चल रही चर्चाओं का दायरा बढ़ता जा रहा है।



