Madan Mitra: चुनावी महाप्रयाण के समय पश्चिम बंगाल में बयानबाजी का सिलसिला जारी है। अभी एसआईआर और मतदाताओं की सूची में नामों को लेकर बहस चल ही रही थी कि टीएमसी विधायक मदन मित्रा का एक विवादित बयान चर्चा में आ गया है। कमरहाटी से विधायक चुने गए मदन मित्रा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के प्लेटफॉर्म से एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के हिंदू होने पर संदेह व्यक्त किया है। एक कार्यक्रम में, मदन मित्रा ने बताया कि उन्होंने एक वरिष्ठ बीजेपी नेता से संवाद के दौरान कहा, ‘मुझे साबित करो कि राम हिंदू हैं। मुझे बताओ कि राम का सरनेम क्या है।’ इस टिप्पणी के कारण विवाद फिर से गरमा गया है।
प्रभु श्रीराम के हिंदू होने पर सवाल उठाते हुए टीएमसी विधायक मादन मित्रा ने क्या कहा
कमरहाटी से चुनकर आए मदन मित्रा ने एक कार्यक्रम में अपने और एक वरिष्ठ बीजेपी नेता के बीच हुई बातचीत का जिक्र किया।
मदन मित्रा ने कहा, “मैंने उन (बीजेपी नेता) से कहा, मुझे साबित करो कि राम हिंदू हैं। मुझे बताओ कि राम का सरनेम क्या है, और वहां मौजूद कोई भी उनके सवाल का जवाब नहीं दे सका।” आगे उन्होंने बताया, “बाद में एक हिंदू साधु ने मुझे बताया कि भगवान राम का सरनेम रामजेठमलानी था। उनकी टिप्पणियों का मकसद बीजेपी की हिंदू धर्म की सतही समझ का मजाक उड़ाने का था, राजनीतिक परिणामों के डर के बिना।” ममता बनर्जी की पार्टी से जुड़े विधायक की इस टिप्पणी के चलते फिर से विवाद छिड़ गया है और सुकांत मजूमदार व सुवेंदु अधिकारी सहित कई स्थानीय नेता इसे विवादित मानते हुए आलोचना कर रहे हैं।
बीजेपी के निशाने पर टीएमसी विधायक मदन मित्रा
बंगाल में विपक्ष की भूमिका निभाते हुए बीजेपी ने टीएमसी विधायक के बयान को लेकर आक्रमण किया है। पार्टी के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने मदन मित्रा पर तीखा प्रहार किया है।
अमित मालवीय ने एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से टीएमसी विधायक के साथ-साथ सीएम ममता बनर्जी को भी कठघरे में खड़ा करने की कोशिश की है। बीजेपी आईटी सेल प्रमुख ने कहा, “टीएमसी ने हमेशा मुसलमानों को खुश करने का प्रयास किया है और बंगाली हिंदुओं को द्वितीय श्रेणी का नागरिक बना दिया है। पश्चिम बंगाल में उन्होंने जानबूझकर मुसलमानों के वोट हासिल करने के लिए वोट बैंक की राजनीति की है।” बीजेपी नेता ने आगे कहा कि “हिंदू बंगालियों की जन्मभूमि पश्चिम बंगाल अब इस्लामी कट्टरपंथियों के प्रभाव में तबाह हो रही है।” मदन मित्रा के बयान पर सियासी बहस गर्म है और प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।



