Kidney Disease: क्या किडनी फेलियर को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है? चूहों पर की गई रिसर्च मानवों के लिए बनेगी जीवनदायक!

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Kidney Disease: किडनी को गुर्दा कहा जाता है। यह शरीर का अत्यंत महत्वपूर्ण अंग है। यह रक्त को शुद्ध करके शरीर के अन्य हिस्सों में भेजती है। इसके साथ ही यह शरीर के पोषक तत्वों के संतुलन को बनाए रखती है। रक्त दबाव को नियंत्रित करना हो या हार्मोन का निर्माण करने वाले RBC सेल्स को नियंत्रित करना हो, हर चीज में यह अत्यधिक महत्वपूर्ण होती है। यदि किडनी में किसी प्रकार की बीमारी हो जाए तो मरीज को हार्ट प्रॉब्लम से लेकर मस्तिष्क तक की अनेक गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। किडनी की सबसे गंभीर बीमारियों में क्रोनिक किडनी डिजीज, एक्यूट किडनी इंजरी (AKI), पॉलीसिस्टिक किडनी डिजीज (PKD) और किडनी फेलियर शामिल हैं। ये मरीज की जान को भी जोखिम में डाल सकती हैं। लेकिन अब किडनी की बीमारियों को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। इस विषय पर चूहों पर एक रिसर्च की गई है, जो सफल रही है। वैज्ञानिकों ने किडनी को नुकसान पहुँचाने वाले कारणों का पता लगा लिया है।

Kidney Disease की रोकथाम के लिए चूहों पर हुई रिसर्च

किडनी के उपचार से संबंधित रिसर्च को जेसीआई इनसाइट में प्रकाशित किया गया है। इसमें बताया गया है कि किडनी के क्षति को ठीक किया जा सकता है। इससे गुर्दे को नुकसान नहीं होगा। किडनी को नुकसान Caramides नामक अणु की वजह से होता है। इसे रोकने के लिए चूहों पर प्रयोग किया गया, और यह सफल रहा। अधिकांश वैज्ञानिक रिसर्च में देखा गया है कि यदि चूहों पर की गई स्टडी सफल होती है, तो यह इंसानों पर भी प्रभावी हो सकती है। यदि वैज्ञानिकों की यह खोज सफल होती है, तो गुर्दों से संबंधित गंभीर बीमारियों को जड़ से मिटाया जा सकेगा। वैज्ञानिकों ने इसे अभी इंसानों पर नहीं आजमाया है, लेकिन यदि यह सफल हुआ, तो यह किडनी रोगियों के लिए एक बड़ा वरदान साबित होगा।

किडनी के मरीजों को मिलेगा जीवनदान

किडनी का इलाज आमतौर पर डायलिसिस और ट्रांसप्लांट के माध्यम से किया जाता है, जो काफी महंगा होता है। इसके अलावा, इसका इलाज लंबा चलता है। इस दौरान मरीज को अपनी जीवनशैली का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। यदि यह अध्ययन सफल होता है, तो यह मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होगा।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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