Karnataka Politics: कर्नाटक कांग्रेस में चीजें सही दिशा में नहीं बढ़ रही हैं। तमाम प्रयासों के बावजूद, पार्टी में दो गुट बनते दिख रहे हैं। सिद्धारमैया कर्नाटक के मुख्यमंत्री हैं। हालांकि, जब से उन्होंने सीएम का कार्यभार संभाला है, तब से उनकी अपने डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार से टकराव चल रहा है। इन घटनाक्रमों के बीच, डीके शिवकुमार का नया बयान सामने आया है, जिसने कर्नाटक की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है।
Karnataka Politics: सीएम विवाद के बीच डीके शिवकुमार का महत्वपूर्ण बयान
दरअसल, कर्नाटक की आंतरिक राजनीति में चल रहे संघर्ष के बीच, वरिष्ठ पत्रकार राहुल शिवशंकर ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल के माध्यम से कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार के हालिया बयान का एक वीडियो साझा किया है।
इस वीडियो में, कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार यह कहते हुए नजर आ रहे हैं, “हमें आने वाले दिनों में राज्य में बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए ताकि नई ताकत और आकार दिया जा सके। हमारी ज़िंदगी स्थायी नहीं है, जो हम पीछे छोड़ जाते हैं वह स्थायी होता है। हमारी बात सोच-समझकर करनी चाहिए और काम सबसे अधिक महत्वपूर्ण होना चाहिए। मैं हमेशा कहता हूं कि भगवान श्राप या आशीर्वाद नहीं देते, वह सिर्फ मौके देते हैं। हम उन मौकों का क्या करते हैं, यह महत्वपूर्ण है।” इसके अतिरिक्त, शिवकुमार ने नेशनल हेराल्ड और यंग इंडिया से जुड़े मामलों में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा जारी समन को गलत बताते हुए इसे उत्पीड़न करार दिया है।
कर्नाटक राजनीति: सिद्धारमैया और शिवकुमार कांग्रेस के लिए आवश्यक!
कर्नाटक की राजनीति में, सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार दोनों कांग्रेस पार्टी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसी प्रकार, राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट कांग्रेस की सफलता के लिए महत्वपूर्ण चेहरे बनकर उभरे हैं। मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह, कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया की त्रिमूर्ति ने एक समय कांग्रेस को सफलता दिलाई थी। यह सत्य है कि उस समय कांग्रेस निर्णायक कदम नहीं उठा पाई, जिसके परिणामस्वरूप दोनों राज्यों में उसे चुनावी हार का सामना करना पड़ा। सिंधिया ने तो कांग्रेस छोड़ दी। इसे देखते हुए, दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान यह नहीं चाहता कि कर्नाटक में भी ऐसा ही हालात उत्पन्न हों। हालाँकि, समस्या यह है कि मुख्यमंत्री का पद केवल एक ही है और दोनों नेताओं में से कोई भी समझौता करने के लिए तैयार नहीं दिखता। अब देखना यह है कि डीके शिवकुमार का अगला कदम क्या होगा।
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