Jana Nayagan: थलापति विजय की अंतिम फिल्म जन नायकन को लेकर दर्शकों में एक शानदार उत्साह देखा गया, लेकिन पिछले दिन एक बड़ी खबर आई जिसने फैंस का दिल तोड़ दिया, जब पता चला कि यह फिल्म निर्धारित तिथि पर रिलीज नहीं हो रही है। सेंसर बोर्ड ने इसे प्रमाणपत्र नहीं दिया। इसी बीच, मुंबई हाई कोर्ट ने आज अपना निर्णय सुनाया। निश्चित रूप से, सेंसर बोर्ड द्वारा जन नायकन को सर्टिफिकेट न देना उल्टा पड़ गया क्योंकि हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे निर्णय सेंसर बोर्ड के लिए गलत मिसाल साबित हो सकते हैं।
Jana Nayagan को सर्टिफिकेट ना देकर खुद के पैरों पर सेंसर बोर्ड ने कुल्हाड़ी मारी
हाई कोर्ट ने जन नायकन की रिलीज को रोकने के लिए सेंसर बोर्ड की गंभीर आलोचना की और कहा कि किसी भी शिकायत के तहत फिल्म की रिलीज तिथि को रोकना उचित नहीं है। यह फिल्म उद्योग के लिए एक गलत मिसाल बन सकता है। कोर्ट ने बोर्ड से अपने नियमों और निर्णयों को बनाए रखने को कहा। कोर्ट ने जन नायकन को शीघ्रता से सर्टिफिकेट देने के निर्देश दिए हैं। इस प्रकार, जल्दी ही थलापति विजय की फिल्म के रिलीज की तिथि की घोषणा की जा सकती है।
मेकर्स ने थलापति विजय की फिल्म के बारे में यह दावा किया
स्पष्ट है कि जन नायकन के संबंध में यह खबर थलापति विजय के फैंस के लिए काफी रोमांचक है, क्योंकि अगर रिलीज तिथि नहीं टलती तो इसका बॉक्स ऑफिस पर द राजा साब से टकराव हो सकता था। पहले यह 9 जनवरी को रिलीज होने वाली थी। हालांकि, फिल्म की रिलीज में देरी सेंसर बोर्ड द्वारा सर्टिफिकेट ना मिलने के कारण हुई है। मेकर्स ने कहा कि फिल्म को एक महीने पहले ही सबमिट किया गया था, लेकिन बोर्ड ने इसे मंजूरी नहीं दी।
यह ध्यान देने योग्य है कि जन नायकन को लेकर दर्शकों में एक जबर्दस्त क्रेज है, क्योंकि थलापति विजय की यह आखिरी फिल्म 500 करोड़ के बजट में बनाई गई है।



