Ishaan Khatter: हाल ही में ईशान खट्टर की फिल्म ऑस्कर के लिए नॉमिनेट हुई है। इस बीच विशाल जेठवा और जाह्नवी कपूर के साथ इस फिल्म को लेकर चर्चा जारी है, लेकिन ईशान ने मर्दानगी पर अपने विचार साझा किए। उनके बयान ने समाज में मर्दानगी को लेकर चल रही सोच को प्रकाश में लाया है। उन्होंने कहा कि मर्दों को औरत न बनने की शिक्षा दी जाती है। चलिए जानते हैं पूरी बात और क्यों होमबाउंड में ईशान ने महिलाओं से प्रेरणा लेते हुए अपने विचार रखे।
मर्दानगी पर ईशान खट्टर का निवेदन
युवा ऑल स्टार्स राउंडटेबल 2025 में ईशान खट्टर ने मर्दानगी के विषय पर चर्चा की। उन्होंने कहा, “मर्दों को मर्द बनने का नहीं, बल्कि औरत न बनने का सिखाया जाता है। मर्द होने का मतलब मेरे लिए महिलाओं और पुरुषों के बीच के संबंध से जुड़ा है। एक्टर के लिए मर्दानगी का यह अर्थ है कि उन्हें एक सिंगल मदर ने पाला है और वे ज्यादातर फीमेल फिल्म मेकर्स के साथ काम कर चुके हैं।” ईशान खट्टर ने आगे कहा कि महिलाओं के बीच रहने से उन्होंने मर्दानगी को काफी हद तक समझ लिया है। उन्होंने अपने करियर में 8 सालों में 50% से अधिक फीमेल फिल्म मेकर्स के साथ काम किया है।
नए नजरिए पर ईशान खट्टर के विचार
फीमेल फिल्म मेकर्स के साथ काम करने और महिलाओं के संग संबंधों पर ईशान ने कहा कि एक नए दृष्टिकोण को समझना सबसे बड़ी ताकत होती है और यही सिनेमा का उद्देश्य है। उन्होंने समाज में पुरुषों के प्रति सोच पर अपना दृष्टिकोण साझा किया और खुद को उससे अलग बताया। ध्यान देने योग्य है कि ईशान खट्टर, बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर के सौतेले भाई और राजेश खट्टर के बेटे हैं। अपने करियर में उन्होंने मीरा नायर, नूपुर अस्थाना और प्रियंका घोष के साथ काम किया है, जिससे वे फीमेल गेज को अच्छी तरह समझ चुके हैं।
आखिरी बार विशाल जेठवा और जाह्नवी कपूर के साथ ईशान खट्टर को ‘होमबाउंड’ में देखा गया, जिसमें उनकी एक्टिंग की सराहना हुई है।



