Dhurandhar: पाकिस्तानी फिल्म देखकर डर गए! आसिम मुनीर की सेना हिंदुस्तानी सेना का सामना कैसे करेगी, 6 खाड़ी देशों में लगा बैन
Dhurandhar: भारत में रिलीज़ हुई एक फिल्म इस्लामाबाद से लेकर मुजफ्फराबाद, कराची तक चर्चा का विषय बन गई है। यहां धुरंधर फिल्म की बात हो रही है जिसने पाकिस्तान में हलचल मचा दी है। आदित्य धर द्वारा निर्देशित इस फिल्म में सुपरस्टार रणवीर सिंह एक भारतीय अधिकारी का किरदार निभाते हुए पाकिस्तान में घुसकर अपराध और राजनीतिक नेटवर्क के खिलाफ काम करते दिखाई दे रहे हैं। आलम ये है कि इस मूवी को देखकर पाकिस्तान पहले ही डर गया है।
आसिम मुनीर की सेना समेत पाकिस्तानी नेताओं के होश उड़ चुके हैं। स्थिति यह है कि पाकिस्तान की मांग पर धुरंधर को 6 खाड़ी देशों में बैन कर दिया गया है। सवाल यह है कि एक फिल्म से डरने वाली मुनीर सेना कैसे जंग के मैदान में हिंदुस्तानी फौज का सामना कर सकेगी? इस सवाल के जवाब को खोजते हुए हम इस खबर पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
चर्चित Dhurandhar फिल्म देखकर डर गया पाकिस्तान!
पड़ोसी मुल्क एक भारतीय निर्देशक द्वारा बनाई गई फिल्म देखकर भयभीत है। आलम यह है कि पाकिस्तान की पहल पर संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब और यूएई ने इस फिल्म को मंजूरी नहीं दी है। इसकी वजह धुरंधर की थीम को बताया गया है। खाड़ी देशों का मानना है कि धुरंधर फिल्म पाकिस्तान के खिलाफ है, इसीलिए इसे अनुमति नहीं दी गई है।
ज्ञात हो कि इससे पहले भी कई भारतीय फिल्मों को खाड़ी देशों में पाकिस्तान के खिलाफ होने के आरोप में बैन किया जा चुका है। स्काई फोर्स, द डिप्लोमैट, आर्टिकल 370, टाइगर 3 और द कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्में शामिल हैं। फिल्म से डर जाने वाली पाकिस्तानी सेना और हुक्मरानों की भला कैसे भारत के सामने आक्रमण करने की हिम्मत होगी, यह सवाल तेजी से उठ रहा है।
कैसे भारतीय सेना का सामना करेगी मुनीर की सेना?
फिल्म के कंटेंट से प्रभावित होने वाली पड़ोसी मुल्क की सेना भला कैसे हिंदुस्तानी फौज का सामना कर सकेगी, यह सवाल सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। दरअसल, आसिम मुनीर पहले सेना प्रमुख और अब सीडीएफ बनने के बाद भारत के प्रति कठोर नीति अपनाते हैं। मुनीर भारत के साथ युद्ध की तैयारी में हैं, ऐसी बात पूर्व पीएम इमरान खान की बहन अलीमा ने कही थी।
ऐसी स्थिति में भी पाकिस्तानी सेना और हुक्मरानों की पहल पर ‘धुरंधर’ जैसी फिल्म को पाकिस्तान और खाड़ी देशों में बैन कराना उनके अंशों पर सवाल उठाता है। अतीत के पन्ने पलटते हुए 1965, 1971 और 1999 की याद आती है जब भारतीय सेना ने दुश्मनों को बुरी तरह कमजोर किया था। फिर बाद में बालाकोट, उरी और ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाइयों में भारतीय सेना ने पड़ोसी मुल्क की कमर तोड़ दी थी। ऐसे में भारत के खिलाफ दम भरने वाली पड़ोसी मुल्क की सेना जब ‘धुरंधर’ जैसी फिल्म से डरती है, तो यह सवाल उठना तो लाजिमी है।
