BMC Election 2026: महाराष्ट्र में चुनावी परिदृश्य एक बार फिर से बदलने वाला है। पहले ठाकरे भाईयों ने एकजुट होकर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया। अब चाचा-भतीजे, अजित पवार और शरद पवार, पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम चुनावों में एक साथ आने को तैयार हैं। इसका मतलब यह है कि दोनों मिलकर चुनावी मैदान में उतरेंगे। इसके बाद से यह चर्चा चल रही है कि क्या बीजेपी को चिंता बढ़ने वाली है। जानकारी के अनुसार, यह गठबंधन दो साल से अधिक समय के बाद बन रहा है। यह माना जा रहा है कि बीजेपी द्वारा अजित पवार को शामिल नहीं करने के चलते यह निर्णय लिया गया है। चलिए, आपको इससे जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में बताते हैं।
BMC Election 2026 से पहले महाराष्ट्र में बड़ा सियासी फेरबदल
जानकारी के अनुसार, अजित पवार ने पिंपरी-चिंचवाड़ में एक चुनावी सभा में कहा कि “नगर निगम चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची तय करते समय दोनों गुटों ने एक साथ चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। इससे एक बार फिर परिवार एकजुट हो गया है। गठबंधन को लेकर लोगों के मन में सवाल हो सकते हैं, लेकिन महाराष्ट्र के विकास के लिए कई बार ऐसे फैसले लेने पड़ते हैं। अजित पवार ने कहा- दोनों पक्षों के बीच सीट बंटवारे पर चर्चा हो चुकी है और इसके बारे में बाद में जानकारी दी जाएगी।” यह माना जा रहा है कि इस चुनाव में बीजेपी की स्थिति कठिन हो सकती है।
16 जनवरी 2026 को आएंगे पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम चुनाव के नतीजे
गौरतलब है कि पिंपरी-चिंचवाड़ और पुणे नगर निगमों सहित महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के चुनाव 15 जनवरी को होंगे। इसके परिणाम 16 जनवरी को घोषित किए जाएंगे। अजित पवार ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे प्रचार में पूरी मेहनत करें और रैलियों के दौरान किसी भी विवादित बयान से बचें। ध्यान दें कि इससे पहले उद्धव और राज ठाकरे ने बुधवार को बृहन मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव एक साथ लड़ने का ऐलान किया था। 20 साल बाद दोनों की पार्टी, शिवसेना (यूबीटी) और मनसे, में चुनावी गठबंधन बना है। इस बार महाराष्ट्र नगर निगम चुनाव में कुछ अहम बदलाव देखने को मिल सकते हैं।



