Oil Side Effects: खाना पकाने में तेल का उपयोग सभी करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि किस ऑयल का सेवन करना चाहिए? यदि नहीं जानते, तो आज इस आर्टिकल के माध्यम से अपनी हेल्थ से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त करें। खाने में अधिकांशतः सरसों या रिफाइंड ऑयल का इस्तेमाल होता है। रिफाइंड तेल विभिन्न कंपनियों के द्वारा बाजार में उपलब्ध है। इसका उपयोग मुख्य रूप से तलने-भूनने में किया जाता है। लेकिन यह सेहत के लिए अच्छी बात नहीं है। इसकी जानकारी स्वास्थ्य विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही है।
Oil Side Effects: रिफाइंड बिगाड़ रहा हेल्थ
हेल्थ विशेषज्ञों का कहना है कि रिफाइंड तेल का सेवन नहीं करना चाहिए। इसमें ऑक्सीडाइज्ड फैट और टॉक्सिक कंपाउंड होते हैं, जो स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाते हैं। इसका मुख्य कारण प्रोसेसिंग के दौरान पोषक तत्वों, फाइबर और प्राकृतिक तेल का निकल जाना है, जिसके कारण यह त्वचा, हार्ट से लेकर बालों तक को नुकसान पहुँचाता है।
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रिफाइंड तेल बीजों या फलों तथा सब्जियों से निकालकर बनाया जाता है। इसे कई प्रक्रियाओं के माध्यम से साफ किया जाता है, जिससे यह ट्रांसपेरेंट होता है। इसके साथ ही इसमें कोई गंदगी और स्वाद नहीं होता है। रिफाइंड को सोयाबीन, सूरजमुखी के तेल, पाम ऑयल, मूंगफली और मक्का के बीजों से भी बनाया जाता है। लेकिन यह हार्ट, डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल समेत कई प्रकार की बीमारियों का कारण बनता है।
कच्ची घानी सरसों का तेल का करें सेवन
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कच्ची घानी सरसों का तेल खाने की सलाह देते हैं। इसके अलावा आप देसी घी का भी सेवन कर सकते हैं। ये स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। कच्ची घानी तेल को कम तापमान पर और बिना रसायनों के निकाला जाता है, जिससे इसका स्वाद और पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं। इनकी खुशबू भी बहुत तेज होती है। आप इन तेलों का सेवन कर सकते हैं।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी इनकी पुष्टि या खंडन नहीं करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।



