High Blood Pressure: डॉक्टर रवि गोडसे ने ‘गोली को होली में’ के जरिए बताया बीपी मापने का सही तरीका, जानें कब लेना चाहिए दवा?

High Blood Pressure: अमेरिका में प्रसिद्ध डॉक्टर रवि गोडसे सोशल मीडिया पर बहुत लोकप्रिय हैं। वे अक्सर गंभीर बीमारियों से निपटने के उपचार के बारे में जानकारी साझा करते रहते हैं। डॉक्टर रवि गोडसे अमेरिका के पिट्सबर्ग में इंटरनल मेडिसिन के विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत हैं। वे जिस बीमारी के बारे में सबसे ज्यादा चर्चा करते हैं, वह है ब्लड प्रेशर। उनका कहना है कि, बीपी की दवा जीवनभर लेने की आवश्यकता नहीं होती। यदि हाई या लो ब्लड प्रेशर को ठीक से मापा जाए तो इसका सही तरीके से उपचार किया जा सकता है। उनका कहना है कि, ‘ब्लडप्रेशर की गोली जीवन बीमा नहीं, इसलिए गोली को होली में डाल दो “

High Blood Pressure: को नापते समय किन बातों का ध्यान रखें?

डॉक्टर रवि गोडसे ब्लड प्रेशर को मापने के सही तरीके के बारे में बताते हैं। उनका कहना है कि, ब्लड प्रेशर की समस्या को जांचने से पहले इसे घर पर ही चेक कर लें। रीडिंग लेते समय मन और शरीर दोनों को शांत रखना चाहिए।

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यदि आप डॉक्टर के पास झटपट जा रहे हैं और सीढ़ियों पर चढ़ रहे हैं, तो आपके बीपी में गड़बड़ी आ सकती है। इसलिए, ब्लड प्रेशर मापने से पहले 30 मिनट तक चाय या कॉफी जैसे कैफीन युक्त पेय नहीं लें। इसके साथ ही, शांत बैठकर आराम करें और अपनी पीठ को दीवार पर टिकाएं। इस दौरान आपके पैर ज़मीन पर होने चाहिए और शरीर का पोश्चर सीधा होना चाहिए। जल्दबाजी में ली गई बीपी की रीडिंग गलत आ सकती है। डॉक्टर रवि गोडसे का कहना है कि, जीवनभर ब्लड प्रेशर की दवा लेने की आवश्यकता नहीं है। यदि बीपी बॉर्डरलाइन पर है, तो दवा लेने से मरीज पूरी तरह से ठीक हो सकता है। डॉक्टर रवि गोडसे का वीडियो न्यूज 24 ने एक्स पर साझा किया है।

ब्लड प्रेशर: कारण, लक्षण और स्तर

ब्लड प्रेशर दोनों ही स्थितियों में—हद से ज्यादा बढ़ा या घटा—खराब होता है। इसके प्रमुख कारण हैं: तनाव, शराब, धूम्रपान, अधिक नमक, नींद की कमी आदि। यदि जीवनशैली खराब है तो बीपी की समस्या हो सकती है। बीपी बढ़ने पर चक्कर आना, दिल की धड़कन का धीमा या तेज होना, सांस फूलना, सीने में बेचैनी, नाक से खून आना और छाती में दर्द होना आम लक्षण हैं। जब बीपी 180/120 mmHg से अधिक होता है, तो इसे हाई माना जाता है, जिससे नियंत्रण के लिए दवा दी जाती है। जबकि, यदि ब्लड प्रेशर 90/60 mmHg से नीचे है, तो इसे लो माना जाता है और इस स्थिति में दवा की आवश्यकता होती है।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी योग्य चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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