Amroha News: पत्ता गोभी कितनी भयानक हो सकती है, इसका उदाहरण अमरोहा में मृत एक लड़की का मामला है। डॉक्टर्स का कहना है कि, लड़की की मौत गोभी और कुछ मीट में मौजूद कीड़े के कारण हुई है। आपको बता दें, इलमा नाम की लड़की के दिमाग में 25 गांठे हो गई थीं। उसका इलाज और ऑपरेशन दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चल रहा था, लेकिन मंगलवार को उसकी मृत्यु हो गई। कई लोगों को ऐसे लग रहा होगा कि, गोभी के कीड़े इतना खतरनाक कैसे हो सकते हैं? इस पर जानकारी दे रही हैं प्रसिद्ध डॉक्टर प्रियंका शेहरावत।
Amroha News: दिमाग में गोभी के कीड़े कैसे पहुंचते हैं?
डॉक्टर प्रियंका शेहरावत बताती हैं कि इस बीमारी का नाम न्यूरोसिस्टिसर्कोसिस है। ये गोभी और कच्चे सुअर के मीट में पाए जाते हैं। यदि फूल गोभी और पत्ता गोभी, या सुअर का मीट अच्छे से पके बिना खाया जाए, तो ये शरीर में जाकर दिमाग तक पहुंच सकते हैं।
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डॉक्टर का कहना है कि ये कीड़े मिट्टी में भी पाए जाते हैं। इसीलिए किसी भी सब्जी को अगर बिना अच्छे से धोकर खाया जाए तो संभावना है कि ये शरीर तक पहुंच जाएं और जानलेवा कीड़ों को उत्पन्न कर दें। इसलिए सब्जियों और मीट को अच्छे से पका कर खाना चाहिए। अमरोहा में लड़की के साथ ऐसी ही एक स्थिति हो सकती है।
न्यूरोसिस्टीसर्कोसिस बीमारी के लक्षण
गोभी के कीड़ों से होने वाली न्यूरोसिस्टीसर्कोसिस बीमारी के कई सामान्य लक्षण होते हैं। यदि समय से इन्हें पहचाना जाए तो इससे गंभीर नुकसान से बचा जा सकता है। जब दिमाग में पोर्क टेपवॉर्म पहुंच जाते हैं, तो मरीज में दौरे, तेज सिर दर्द, उल्टी-चक्कर, मानसिक असंतुलन, और आंखों की कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। इसीलिए यदि इस प्रकार के लक्षण लगातार दिख रहे हैं, तो नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें और उपचार कराएं। न्यूरोसिस्टीसर्कोसिस के लक्षण कुछ मामलों में तुरंत प्रकट नहीं होते; सेवन के कुछ महीनों या वर्षों बाद इनके प्रभाव दिख सकते हैं।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय जानकारी केवल सामान्य ज्ञान प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में वर्णित विधियों और दावों को केवल सुझाव समझा जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।








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