Priyanka Gandhi vs Rahul Gandhi: राजनीति संभावनाओं का खेल है। यही कारण है कि इस क्षेत्र में राजनीतिक समीकरण कब बदल जाएं, इसकी भनक तक नहीं लगती है। ताजा मामला वायनाड सांसद प्रियंका गांधी से जुड़ा हुआ है। वास्तव में, यह स्पष्ट है कि राहुल गांधी कांग्रेस के साथ संपूर्ण विपक्ष का चेहरा हैं। यदि भविष्य में कभी विपक्ष की सरकार बनी, तो राहुल गांधी ही पीएम पद के प्रमुख दावेदार होंगे।
हालांकि, इसके बावजूद कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री के रूप में पेश करते हुए एक बड़ी मांग की है। इमरान मसूद ने बांग्लादेश की हालिया स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाकर देखिए, फिर वह इंदिरा गांधी की तरह कैसे जवाब देंगी। कांग्रेस सांसद की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक संग्राम छिड़ गया है। सवाल यह है कि क्या अब से प्रियंका गांधी बनाम राहुल गांधी की बिसात बिछने लगी है? आइए इस सवाल का जवाब जानने की कोशिश करते हैं।
क्या प्रियंका गांधी vs राहुल गांधी की तैयारी चल रही है?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने एक बड़ी घोषणा करते हुए प्रियंका गांधी को प्रधानमंत्री बनाने की मांग की है।
बांग्लादेश में हिंसा और आगजनी की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए इमरान मसूद ने कहा, “क्या प्रियंका गांधी प्रधानमंत्री हैं? उन्हें प्रधानमंत्री बनाइए और देखिए कि वे इंदिरा गांधी की तरह कैसे पलटवार करेंगी। वे प्रियंका गांधी हैं। उनके नाम के आगे गांधी लगा है। वे इंदिरा गांधी की पोती हैं, जिन्होंने पाकिस्तान को इतना नुकसान पहुंचाया कि वे घाव अभी तक भरे नहीं हैं। उन्हें प्रधानमंत्री बनाइए और देखिए कि वे कैसे पलटवार करेंगी। आप ऐसा करने की हिम्मत नहीं करेंगे।”
इमरान मसूद की इस टिप्पणी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पूछा जा रहा है कि क्या कांग्रेस में अंदरखाने राहुल गांधी बनाम प्रियंका गांधी की तैयारी चल रही है? दरअसल, राहुल गांधी ही कांग्रेस के साथ विपक्ष का चेहरा हैं। प्रियंका गांधी को उनके साथ पार्टी का काम करते और समन्वय रखते देखा जाता है। हालांकि, कई कयासों के आधार पर कहा जाता है कि कांग्रेस में दोनों का अलग-अलग कैंप है जो एक-दूसरे के खिलाफ समीकरण साधने से नहीं चूकता।
इसी वजह से इमरान मसूद की बातों ने कांग्रेस में प्रियंका गांधी बनाम राहुल गांधी के समीकरण को हवा दे दी है। इसको लेकर आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं आई है, लेकिन कयासों के आधार पर तर्कों को बल दिया जा रहा है। कांग्रेस पर नजर रखने वाले कई टिप्पणीकारों का मानना है कि दोनों नेताओं को आमने-सामने लाने के लिए बिसात बिछाई जा रही है। हालांकि, वास्तविक स्थिति क्या है, यह उचित समय के साथ ही स्पष्ट होगा।
कांग्रेस सांसद की मांग को लेकर बीजेपी का तीखा प्रहार!
बीजेपी इस पूरे मामले को लेकर मुखरता के साथ कांग्रेस पर हमला कर रही है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी को घेरा है।
पूनावाला ने लीडरशिप को लेकर कहा, “वामपंथी दलों से लेकर उमर अब्दुल्ला तक, जिन्होंने राहुल गांधी के बयानों को खारिज कर दिया, साथ ही सुप्रिया सुले, समाजवादी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस, सभी ने उनके दावों को नकार दिया है। इससे साफ पता चलता है कि राहुल गांधी पर किसी को भरोसा नहीं है, न सिर्फ जनता को, बल्कि उनके अपने सहयोगी, परिवार के सदस्य और पार्टी के साथी भी उन पर अविश्वास जता रहे हैं।” बीजेपी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि राहुल गांधी के पास न जनसमर्थन है, न संगठित जनता है और न ही 10 जनपथ से समर्थन है।



