Rice: बीमारियों से बचने के लिए पके चावलों को कितनी बार गर्म करना उचित है?

Posted by

Rice: शरीर के विकास में रोटी की तरह चावलों का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान होता है। यही कारण है कि, भारत समेत दुनिया के कई हिस्सों में चावल और इसकी विभिन्न डिशेज का सेवन किया जाता है। चावलों में विटामिन ई, फाइबर, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, फोलिक एसिड और मैंगनीज तथा फास्फोरस जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं। चावल पोषण का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। लेकिन क्या आपको पता है? पके हुए चावलों को कितनी बार गर्म करके खाना चाहिए। कई लोगों का मानना है कि, पके हुए चावलों को बार-बार गर्म करके खाया जा सकता है। लेकिन यह पूरी तरह से गलत है। हेल्थ एक्सपर्ट और चिकित्सक बताते हैं कि, चावलों को अत्यधिक गर्म करने से ये पेट की गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं। इसलिए, यदि आप भी सर्दी में बासी चावलों को बार-बार गर्म करके खाते हैं तो जरूर जान लें।

चावल को क्यों और कितनी बार गर्म करके खाना चाहिए?

हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि, यदि पके हुए चावलों को बार-बार गर्म किया जाता है तो इसमें ‘बैसिलस सेरियस’ नामक बैक्टीरिया विकसित हो सकता है। इसके कारण ये पोषक तत्वों को नष्ट कर देते हैं और पेट संबंधी समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं। चावलों को बार-बार गर्म करने से उल्टी, दस्त और पेट में दर्द जैसी समस्याएं होने लगती हैं। इसलिए डॉक्टर्स पके हुए चावलों को बार-बार गर्म करके खाने से मना करते हैं। पके हुए चावलों को एक बार ही गर्म करके खाना सही माना जाता है।

Rice को बैसिलस सेरियस बैक्टीरिया से कैसे बचाएं?

यदि आप चाहते हैं कि, पके हुए चावलों में बैसिलस सेरियस बैक्टीरिया न विकसित हो, तो आपको आवश्यकता अनुसार ही चावल बनाना चाहिए। इसके बाद इन्हें फ्रिज में रख दें। जब आपको आवश्यकता हो, तो भूख के हिसाब से एक बार चावल गर्म करके खा सकते हैं। इससे ये न केवल खराब नहीं होंगे बल्कि सुरक्षित भी बने रहेंगे।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय जानकारी केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights