हार्ट अटैक: क्या केवल उम्रदराज लोगों को ही हार्ट अटैक का खतरा होता है? एम्स द्वारा की गई आईसीएमआर की स्टडी में कुछ ऐसे तथ्य बताए गए हैं जो आपको चौंका सकते हैं। डॉक्टर प्रियंका सेहरावत ने इस वीडियो को शेयर करते हुए लोगों को पूरी जानकारी दी है और बताया है कि यह कहना गलत है कि हार्ट अटैक केवल उम्रदराज व्यक्तियों को ही प्रभावित कर सकता है। इस अध्ययन के खुलासे को जानकर आपका चित्त हिल सकता है। डॉक्टर के अनुसार हार्ट अटैक के जोखिम में युवा लोग लगातार बढ़ते जा रहे हैं। हाल ही में एम्स दिल्ली की आईसीएमआर स्टडी में यह बात सामने आई है।
एम्स की आईसीएमआर रिपोर्ट में हार्ट अटैक से जुड़े चौंकाने वाले खुलासे
आईसीएमआर दिल्ली की स्टडी में यह स्पष्ट किया गया है कि युवा लोग हार्ट अटैक का शिकार क्यों हो रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 57% युवा जिनकी उम्र 18 से 45 वर्ष के बीच थी, की अचानक मौत हुई है। वहीं, 42.6% लोगों की मौत का कारण हार्ट से संबंधित समस्याएँ जैसे ब्लॉकेज या कार्डियक दिक्कतें थीं। इनमें से 50% वो लोग थे जो शराब या धूम्रपान करते थे।
युवाओं में हार्ट अटैक का जोखिम अधिक क्यों है?
डॉक्टर प्रियंका बताती हैं कि युवाओं में हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ने का एक कारण लाइफस्टाइल से संबंधित है, जिसमें शराब, धूम्रपान, जंक फूड, पास्ता, मेयोनेज़, और सैडेंटरी लाइफस्टाइल शामिल हैं। ये सभी मिलकर युवाओं को हार्ट अटैक के खतरे में डाल रहे हैं।
हृदय की रक्षा के लिए आपको क्या करना चाहिए?
डॉक्टर प्रियंका कहती हैं कि यदि आप इससे बचना चाहते हैं तो आपको अपनी डाइट और एक्सरसाइज पर तुरंत ध्यान देने की आवश्यकता है। यह आवश्यक है कि आप पोषक तत्वों पर ध्यान दें और अपने शरीर को उन सभी पोषक तत्वों की कमी न होने दें जो महत्वपूर्ण हैं। इसके अलावा, एक्सरसाइज का भी एक विशेष महत्व है। 30 मिनट की वॉकिंग डॉक्टर द्वारा मंजूर की गई है, जिससे आप सैडेंटरी लाइफस्टाइल से बच सकते हैं।








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