Kerala Election Results 2025: निकाय चुनाव के नतीजे लगभग घोषित हो चुके हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण घटना कांग्रेस सांसद शशि थरूर के संसदीय क्षेत्र से जुड़ी है, जहां बीजेपी ने जीत हासिल की है। बीजेपी ने चार दशकों से अधिक समय से एलडीएफ का यह गढ़ ध्वस्त कर तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव जीत लिया है।
यह जीत बीजेपी के लिए कितनी महत्वपूर्ण है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पीएम मोदी भी बेहद खुश नजर आए हैं। एक और दिलचस्प बात यह है कि तिरुवनंतपुरम में बीजेपी की जीत के बाद शशि थरूर का रुख सौम्य हो गया है। सांसद थरूर ने इस महत्वपूर्ण विजय पर बीजेपी को बधाई देते हुए अपने विचार साझा किए हैं। सवाल यह है कि यूडीएफ का हिस्सा रहते हुए शशि थरूर बीजेपी की जीत से खुश क्यों हैं?
चार दशक से LDF के गढ़ को बीजेपी ने किया फतह!
केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम के नगर निगम पर लंबे समय से सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट का अधिकार था। बीजेपी ने अंततः वामपंथ के इस किले को फतह करते हुए विजय पताका लहराई है। केरल की राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कोशिश कर रही बीजेपी के लिए निकाय चुनाव में मिली यह जीत बहुत मायने रखती है। इस जीत के बाद पीएम मोदी भी खुश नजर आए हैं।
पीएम मोदी ने एक्स पोस्ट में लिखा है कि “तिरुवनंतपुरम को धन्यवाद! तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा-एनडीए को मिला जनादेश केरल की राजनीति में एक ऐतिहासिक क्षण है। जनता को पूरा विश्वास है कि राज्य की विकास संबंधी आकांक्षाओं को केवल हमारी पार्टी ही पूरा कर सकती है। हमारी पार्टी इस जीवंत शहर के विकास और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए काम करेगी।”
तिरुवनंतपुरम में यूडीएफ की हार के बाद भी गदगद शशि थरूर!
सांसद थरूर अपने संसदीय क्षेत्र तिरुवनंतपुरम में यूडीएफ की हार के बावजूद खुश नजर आ रहे हैं। उन्होंने लेफ्ट के गढ़ के फतह होने के बाद खुशी व्यक्त की है।
शशि थरूर ने कहा है कि “मैं तिरुवनंतपुरम में भाजपा के ऐतिहासिक प्रदर्शन को भी स्वीकार करना चाहता हूं और नगर निगम में उनकी महत्वपूर्ण जीत पर उन्हें हार्दिक बधाई देना चाहता हूं। यह सशक्त प्रदर्शन राजधानी के राजनीतिक परिदृश्य में एक उल्लेखनीय बदलाव का प्रतीक है। मैंने 45 वर्षों के एलडीएफ के कुशासन से मुक्ति के लिए चुनाव प्रचार किया था, लेकिन मतदाताओं ने अंततः एक ऐसी पार्टी को पुरस्कृत किया है जिसने शासन में स्पष्ट बदलाव की मांग की थी। यही लोकतंत्र की खूबसूरती है। जनता के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए, चाहे वह यूडीएफ के पक्ष में हो या मेरे निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के पक्ष में।”
बागी सांसद थरूर की यह प्रतिक्रिया इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उनके संसदीय क्षेत्र में एलडीएफ की हार हुई है। शशि थरूर का कहना है कि हार-जीत से इतर वे केरल के विकास के लिए लगातार काम करते रहेंगे।



