Weight Loss: वेट लॉस के लिए डाइट से लेकर अनेक एक्सरसाइज आजकल काफी लोकप्रिय हैं, लेकिन इसके बीच लोग दवाओं का उपयोग भी तेजी से कर रहे हैं। कई दवाइयाँ वेट लॉस के नाम पर बाजार में उपलब्ध हैं, जिनका धड़ल्ले से सेवन जारी है। पर क्या आप जानते हैं कि यह आपके शरीर के मेटाबॉलिज्म पर गहरा प्रभाव डाल सकता है? कैलिफोर्निया के कार्डियोलॉजिस्ट ने इस मुद्दे पर लोगों को जागरूक किया है, जिनके पास 20 वर्षों का अनुभव है। संजय भोजराज ने इस विषय पर इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने बताया कि दवाएं लेने से वेट लॉस में क्या बदलाव आते हैं।
Weight Loss ड्रग्स के बाद हो सकती हैं ये परेशानियां
कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया कि मरीज दवाओं से वेट लॉस कर लेते हैं, लेकिन अंदर से उनका हाल बुरा होता है। इस वजह से वे थकावट महसूस करते हैं और ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते। इतना ही नहीं, जब वे दवाएँ लेना बंद करते हैं तो उनका वजन फिर से बढ़ना शुरू हो जाता है। इस स्थिति में वे अक्सर यह सोचने लगते हैं कि आखिर उनका मेटाबॉलिज्म क्यों धीमा हो गया है।
वेट लॉस ड्रग्स इस तरह मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करते हैं
वेट लॉस दवाओं के सेवन के बारे में चर्चा करते हुए कार्डियोलॉजिस्ट ने कहा कि लोग कम खाने, ज्यादा वर्कआउट करने और थकान से बचने का प्रयास करते हैं, लेकिन कुछ भी कारगर नहीं होता। डॉक्टर बताते हैं कि वास्तव में वेट लॉस करने वाली दवाएँ आपके मेटाबॉलिक सिगनलिंग को बदल देती हैं, जिससे आपको इन समस्याओं का सामना करना पड़ता है, क्योंकि दवा हार्मोन, भूख व ऊर्जा को अपनी मर्जी से बदल देती है।
डॉक्टर ने यह भी कहा कि जब लोग हार्मोन, भूख और ऊर्जा के रिदम के साथ-साथ माइटोकॉंड्रिया पर ध्यान केंद्रित करते हैं, तब सब कुछ बदल जाता है। इससे मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है, ऊर्जा वापस आती है और आपका वजन संतुलित हो जाता है।
Disclaimer: यह लेख और hierin दिए गए चिकित्सीय सुझाव केवल सामान्य जानकारी प्रदान करते हैं। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।








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