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पैंक्रियाज की सेहत के लिए 3 उपाय, मोटापे के साथ जानें आपके लिए क्या हैं जोखिम के तत्व

पेनक्रियाज स्वास्थ्य: पेनक्रियाज स्वास्थ्य का ख्याल कैसे रखें? आखिरकार, आप अपने स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रख सकते हैं क्योंकि एक छोटी सी गलती भी आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बन सकती है। इस संदर्भ में रिस्क फैक्टर क्या हैं? आपके लिए किन-किन टिप्स का ख्याल रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं कि विशेषज्ञों ने क्या कहा है, जो आपके लिए जानना फायदेमंद हो सकता है। मोटापे के साथ-साथ कई अन्य रिस्क फैक्टर हैं जो पेनक्रियाज स्वास्थ्य के लिए रेड सिग्नल हैं। डॉ. अभिमन्यु कपूर, डायरेक्टर- सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, रीजेंसी हेल्थ, कानपुर ने इस पर पूरी जानकारी साझा की है और उन्होंने 3 महत्वपूर्ण टिप्स भी बताई हैं।

डाइट का ध्यान रखें, पेनक्रियाज स्वास्थ्य में बेहतरी आएगी

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने बताया कि साबुत अनाज, फल, सब्जियां और लीन प्रोटीन जैसे खाद्य पदार्थ पाचन को सुधारने के साथ-साथ ग्लूकोज लेवल को बैलेंस करने में सहायक होते हैं। आपको पेनक्रियाज स्वास्थ्य के लिए रिफाइंड सैचुरेटेड फैट और वसा वाले भोजन से परहेज करना चाहिए, क्योंकि यह आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे सूजन बढ़ने का जोखिम भी रहता है। बाहर के खाने से बचना आवश्यक है।

अल्कोहल और तंबाकू का सेवन पेनक्रियाज स्वास्थ्य के लिए हानिकारक

शराब का सेवन आपके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, यह आप जानते ही होंगे, लेकिन इसके पेनक्रियाज के लिए खतरा बनने की संभावना भी है। यदि आप निरंतर इसका सेवन कर रहे हैं, तो यह सूजन को बढ़ा सकता है, और यदि आप तंबाकू का भी सेवन कर रहे हैं, तो यह आपके रिस्क को और बढ़ा सकता है, जिससे पैंक्रियाटिक कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

इन रिस्क फैक्टर पर ध्यान देकर पेनक्रियाज स्वास्थ्य का ख्याल रखें

मोटापे के साथ-साथ हाई ट्राइग्लिसराइड, सेडेंटरी जीवनशैली यानी एक्सरसाइज की कमी पेनक्रियाज को नुकसान पहुँचा सकती है। नियमित एक्सरसाइज करना अत्यंत आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, आपको अपने ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल का नियमित रूप से चेकअप करवाना चाहिए, क्योंकि यहीं से भी खतरा बढ़ सकता है। मोटापे से ग्रस्त व्यक्तियों को रोजाना कम से कम 30 मिनट तक व्यायाम करने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि आप अपने जीवनशैली पर ध्यान देंगे, तो आप अपने पेनक्रियाज स्वास्थ्य का खास ख्याल रख सकते हैं।

अस्वीकृति: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में उल्लेखित तरीकों और दावों को केवल सुझाव के रूप में देखा जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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