Winter Static Shock: सर्दी का मौसम आ चुका है। इससे बचने के लिए लोग हीटरों और आग का सहारा ले रहे हैं, साथ ही मोटे और ऊनी कपड़े पहन रहे हैं। हालांकि, इस दौरान कई लोगों को एक अजीब समस्या का सामना करना पड़ता है। उन्हें चलते-फिरते या किसी चीज को छूने पर बिजली के झटके लगते हैं। यदि यह समस्या आपके साथ बार-बार होती है, तो इसके कारण और उपाय के बारे में जानना जरूरी है। अन्यथा, आपको हर बार किसी चीज को छूने पर बिजली जैसे झटके लगते रहेंगे।
सर्दी में बिजली के झटके क्यों लगते हैं?
सर्दी के मौसम में बिजली के झटके बार-बार लगने का कारण यह है कि ठंडी हवा नमी को सोख लेती है। जैसे ही ऊनी कपड़े या धातु की सतह से रगड़ होती है, इलेक्ट्रॉन छोड़ते हैं और बॉडी को बिजली के झटके लगते हैं। सर्दी के कारण शरीर में इलेक्ट्रॉन जमा हो जाते हैं। ये ऊनी कपड़ों के साथ आपस में प्रतिक्रिया करते हैं। यह उन लोगों के लिए अधिक समस्या बन सकती है जिनकी त्वचा सूखी होती है। यदि आप भी बार-बार इन झटकों से ग्रस्त हैं, तो इसके उपाय अवश्य जान लें।
बिजली के झटकों से बचने के लिए जमीन को छुएं
जब भी किसी इंसान या चीज को छूने पर आपको बिजली के झटके लगे, तो सबसे पहले जमीन को छुएं। ऐसा करने से आपको तुरंत राहत मिलेगी। जमीन छूने पर शरीर में जमा स्टैटिक चार्ज निकल जाता है, जिससे झटके नहीं लगते।
बॉडी पर लगाएं मॉइस्चराइजर लोशन
बिजली के झटके ड्राई स्किन पर ज्यादा लगते हैं। इसीलिए अपनी त्वचा पर जितना हो सके मॉइस्चराइज़र लगाते रहें। इससे त्वचा में नमी बनी रहेगी और स्टैटिक करंट से बचाव होगा।
ह्यूमिडिफायर लगवाएं
इलेक्ट्रोस्टैटिक डिस्चार्ज से बचने के लिए आप अपने घर में ह्यूमिडिफायर भी लगा सकते हैं। इससे शरीर में नमी बनी रहेगी, जिससे करंट से बच सकेंगे।
इन खास कपड़ों को पहनें
सर्दी में बिजली के झटकों से बचने के लिए आप पॉलिएस्टर, नायलॉन और सूती कपड़े पहन सकते हैं। इससे सूखापन के कारण लगने वाले झटकों में कमी आएगी।
पानी का करें सेवन और जूते-चप्पल पहनें
सर्दी में हमेशा जूते-चप्पल पहनकर चलें। इससे स्टैटिक चार्ज शरीर में जमा नहीं होगा और बिजली के झटकों से बचे रहेंगे। इसके साथ-साथ अधिक से अधिक पानी भी पिएं।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय जानकारी केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।








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