Rahul Gandhi: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज शाम दिल्ली आने वाले हैं। ध्यान रहे कि पुतिन भारत के 2 दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। इस मुलाकात से कई महत्वपूर्ण विषयों पर प्रकाश पड़ने की उम्मीद है। कहा जा रहा है कि पीएम मोदी और पुतिन के बीच कई महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा हो सकती है, जो विभिन्न देशों के लिए चिंताजनक हो सकते हैं। इस बीच, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक ऐसा बयान दिया है, जिससे दिल्ली की राजनीति में हलचल मच गई है। उन्होंने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है। चलिए आपको इससे जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं।
Rahul Gandhi के बयान से हलचल तेज
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, जो दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक माने जाते हैं, आज शाम तक भारत पहुंच रहे हैं। जहां उनके डिनर की खास व्यवस्था की गई है। इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि “आमतौर पर, परंपरा रही है कि जो भी भारत आता है, विपक्ष के नेता उससे मिलते हैं। यह वाजपेयी और मनमोहन सिंह सरकारों के दौरान भी होता था। लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। जब भी मैं विदेश जाता हूँ, तो सुझाव दिया जाता है कि उन्हें विपक्ष के नेता से नहीं मिलना चाहिए।
लोगों ने हमें बताया कि हमें विपक्ष के नेता से न मिलने की सलाह दी गई है। विपक्ष के नेता एक दूसरा दृष्टिकोण प्रदान करते हैं; हम भी भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन सरकार नहीं चाहती कि हम विदेशी गणमान्य व्यक्तियों से मिलें। प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय अब असुरक्षा की भावना के कारण ऐसा नहीं करते हैं।”
भारत-रूस के बीच शुरू होगा नया अध्याय!
यह उल्लेखनीय है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चार साल बाद भारत आ रहे हैं। माना जा रहा है कि पीएम मोदी और पुतिन के बीच कई मुद्दों पर सहमति बन सकती है। इसमें एस-400 से लेकर फाइटर जेट एसयू-57 जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। इसके अलावा, दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार पर भी बातचीत संभव है, क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप यह दावा कर रहे हैं कि भारत रूस से तेल खरीदना कम कर देगा। पुतिन के भारत आगमन का मतलब यह है कि भारत और रूस के बीच कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहयोग संभव है, जो चीन, पाकिस्तान और अमेरिका के लिए चिंता का विषय बन सकता है।



