Sanchar Saathi App: मुफ्त में मिलेगी साइबर सुरक्षा, फिर क्यों हुआ विवाद? 26 लाख मोबाइल फोन का हुआ ट्रेस, सरकार ने दी स्पष्टीकरण; आईफोन उपयोगकर्ताओं की स्थिति क्या होगी?
Sanchar Saathi App: रोजाना किसी न किसी के साथ साइबर ठगी की घटनाएँ सामने आती हैं। ऐसे में हर स्मार्टफोन उपयोगकर्ता को साइबर सुरक्षा की आवश्यकता है, ताकि ऑनलाइन ठगों को नियंत्रित किया जा सके। इसके माध्यम से लोगों की मेहनत की कमाई को धोखाधड़ी से बचाना संभव हो सके। इस दिशा में भारत सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। सभी मोबाइल कंपनियों को निर्देश दिया गया कि वे 90 दिनों के भीतर फोन्स में संचार साथी ऐप को प्रीलोड करें। इसके बाद हंगामा शुरू हो गया।
Sanchar Saathi App पर क्यों हंगामा हुआ?
संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को इस ऐप को लेकर कई विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस ऐप के माध्यम से केंद्र सरकार लोगों की जासूसी करना चाहती है। इससे व्यक्तिगत गोपनीयता में बाधा उत्पन्न हो सकती है और यह सीधे तौर पर निजता का उल्लंघन है।
हाल ही में भारत सरकार ने फोन निर्माता कंपनियों से कहा कि 90 दिनों के अंदर सभी मौजूदा मोबाइलों में सॉफ्टवेयर अपडेट द्वारा संचार साथी ऐप को इंस्टॉल किया जाए। जो फोन्स अभी उत्पादन या बिक्री की लाइन में हैं, उनमें प्रीलोड के माध्यम से ऐप को जोड़ा जाए। साथ ही, उपयोगकर्ता इस ऐप को अनइंस्टॉल नहीं कर पाएंगे, ताकि उन्हें पूरी तरह से साइबर सुरक्षा प्राप्त हो सके।
सरकार की ओर से संचार साथी ऐप को लेकर स्पष्टीकरण
हंगामे को बढ़ता देख भारत सरकार के केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ऐप को लेकर स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा, ‘देश के हर नागरिक की डिजिटल सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। ‘संचार साथी’ ऐप का उद्देश्य यह है कि हर व्यक्ति अपनी निजता की रक्षा कर सके और ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षित रह सके। यह पूरी तरह से स्वैच्छिक और लोकतांत्रिक प्रणाली है- उपयोगकर्ता चाहें तो ऐप को सक्रिय कर इसके लाभ ले सकते हैं, और न चाहें तो इसे आसानी से अपने फोन से हटा सकते हैं।’
केंद्रीय संचार मंत्री ने आगे बताया, ’20 करोड़ से अधिक लोग अब तक इस पोर्टल का उपयोग कर चुके हैं। 1.5 करोड़ से अधिक यूजर्स ऐप से जुड़े हैं। नागरिकों द्वारा ‘Not My Number’ विकल्प का चयन करने पर 1.43 करोड़ से अधिक मोबाइल कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए गए। 26 लाख मोबाइल फ़ोन ट्रेस किए गए, जिनमें से 7.23 लाख फ़ोन वापस नागरिकों को लौटाए गए। नागरिकों द्वारा रिपोर्ट किए गए 40.96 लाख फर्जी कनेक्शन डिस्कनेक्ट किए गए। 6.2 लाख फ्रॉड से जुड़ी IMEIs ब्लॉक की गई हैं।’
कैसे कार्य करता है साइबर सुरक्षा प्रदान करने वाला ऐप?
आपको जानकारी के लिए बताना चाहेंगे कि संचार साथी ऐप को लोगों को बेहतर साइबर सुरक्षा प्रदान करने के लिए विकसित किया गया है। इस ऐप के माध्यम से उपयोगकर्ता अपने खोए या चोरी हुए फोन को ब्लॉक कर सकते हैं, IMEI नंबर से पुराने मोबाइलों की पहचान कर सकते हैं, उनके नाम पर जारी सभी मोबाइल कनेक्शन की जांच कर सकते हैं, और यदि कोई धोखाधड़ी हो तो उसकी रिपोर्ट कर सकते हैं।
विवाद के बीच एप्पल आईफोन यूजर्स का क्या होगा?
इधर, इंटरनेट पर कई यूजर्स का ये सवाल है कि आईफोन उपयोगकर्ताओं का क्या होगा? आपको बता दें कि एप्पल की नीति है कि वह किसी भी सरकारी या थर्ड पार्टी ऐप को आईफोन में इंस्टॉल करने की अनुमति नहीं देता। इस स्थिति में, कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि एप्पल और भारत सरकार के बीच एक बार फिर तनाव उत्पन्न हो सकता है। ज्ञात रहे कि एप्पल का आईओएस किसी भी ऐप को आसानी से एक्सेस करने नहीं देता। सरकारी ऐप उपयोगकर्ताओं के फोन में कैमरा, कॉल व संदेश विवरणों की जानकारी मांगता है। ऐसे में आगे आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा कि आईफोन उपयोगकर्ताओं को सरकार की ओर से साइबर सुरक्षा मिलेगी या नहीं।
