Rahul Gandhi: कांग्रेस परिवार की परेशानियाँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक तरफ पार्टी का घटता जनाधार है, वहीं दूसरी ओर पार्टी में अंतर्विरोध हैं। अब, दिल्ली पुलिस ने नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी, सोनिया गांधी और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। खास बात यह है कि एफआईआर में सैम पित्रोदा और तीन अन्य कंपनियाँ एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (एजेएल), यंग इंडियन और डॉटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड का भी जिक्र है।
कांग्रेस परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
जानकारी के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने ईडी की शिकायत पर 3 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज की थी। इस शिकायत में 2008 से 2024 तक नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई है। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 66(2) के तहत, ईडी किसी भी एजेंसी को अनुसूचित अपराध दर्ज करने और उसकी जाँच करने के लिए कह सकता है। यह एफआईआर दिल्ली की एक अदालत द्वारा नेशनल हेराल्ड मामले में अपना फैसला 16 दिसंबर तक टालने के एक दिन बाद आई है।
नेशनल हेराल्ड मामले में विपक्ष ने Rahul Gandhi और कांग्रेस पार्टी पर कसा तंज
नेशनल हेराल्ड मामले पर शिवसेना नेता शाइना एनसी ने कहा, “नेशनल हेराल्ड मामला कोई षडयंत्र नहीं है। एफआईआर में एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड, जिसका स्वामित्व नेशनल हेराल्ड अखबार के पास था, को धोखाधड़ी से हासिल करने की आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है और कहा गया है कि इस संपत्ति की कीमत लगभग 2,000 करोड़ रुपये है।
क्या यह बड़ी रकम नहीं है? और यदि एफआईआर में गांधी परिवार पर यंग इंडियन के जरिए इन संपत्तियों को हासिल करने की साजिश का आरोप लगाया गया है, तो गांधी परिवार, जिसके पास कंपनी में 76 फीसदी हिस्सेदारी है, को आगे आकर अपना पक्ष रखना चाहिए।” हालांकि, अब दिलचस्प होगा कि कांग्रेस पार्टी आने वाले दिनों में इस पर क्या कदम उठाती है।



