Snail Skin Treatment: क्या घोंघा वाकई बुढ़ापे, दाग-धब्बों और झुर्रियों को रोक सकता है? स्नेल स्किन थेरेपी के दौरान किन बातों का ध्यान रखें?
स्नेल स्किन थेरेपी: महिलाएं अपनी खूबसूरती को बढ़ाने के लिए अनेक प्रकार के ब्यूटी ट्रीटमेंट करवाती हैं। इनमें से एक स्नेल स्किन थेरेपी भी है। इस उपचार में बरसात के मौसम में पाए जाने वाले घोंघों का उपयोग किया जाता है। कई रिपोर्टों में कहा गया है कि यह थेरेपी बुढ़ापे और चेहरे की रंगत को बिगाड़ने वाली झुर्रियों पर काबू पा सकती है। आज हम आपको इस थेरेपी के लाभ और हानियों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।
स्नेल स्किन थेरेपी क्या है? जानें इसके फायदे
इस थेरेपी को घोंघा फेशियल के नाम से भी जाना जाता है। जब विशेषज्ञ चेहरे पर घोंघे छोड़ते हैं, तो ये अपने शरीर से निकलने वाले चिपचिपे पदार्थ, जिसे म्यूसिन या बलगम कहा जाता है, से चेहरे को निखारते हैं।
यह चेहरे को हाइड्रेट करता है। इसके साथ-साथ यह बढ़ती उम्र के कारण होने वाली झुर्रियों और दाग धब्बों को कम करने में मदद करता है। इसका बलगम चेहरे पर एक प्रभावी सीरम की तरह कार्य करता है। इस थेरेपी में जीवित घोंघे को चेहरे पर घुमाया जाता है। ये घोंघे मुहासों के निशान और घावों को ठीक करने के साथ-साथ कोलेजन को बढ़ाकर चेहरे पर दिखने वाली उम्र पर ब्रेक लगाने का काम भी करते हैं। इस प्रक्रिया में इन जीवों को किसी तरह से नुकसान नहीं पहुँचाया जाता है।
स्नेल स्किन थेरेपी के नुकसान
स्नेल स्किन थेरेपी के कई लाभ हैं, लेकिन कुछ लोगों को इससे हानियाँ भी हो सकती हैं। सेंसिटिव स्किन वाले व्यक्तियों को इससे परेशानी हो सकती है। अगर इसे सही तरीके से नहीं किया गया, तो यह त्वचा पर एलर्जी पैदा कर सकती है। इसमें उपस्थित बैक्टीरिया नुकसान पहुँचा सकते हैं। कुछ व्यक्तियों को चेहरे पर जलन और सूजन भी महसूस हो सकता है। इसलिए, घोंघे की थेरेपी लेने से पहले शरीर के किसी अन्य हिस्से पर एक बार परीक्षण कर लें। जिन लोगों को एक्जिमा है, उन्हें इसे कराने से बचना चाहिए। इसके अलावा, स्नेल स्किन थेरेपी हमेशा एक प्रशिक्षित डॉक्टर से ही करानी चाहिए।
