Arvind Kejriwal: केजरीवाल ने 131वें संविधान संशोधन विधेयक पर केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया, कहा- ‘चंडीगढ़ पंजाब का है और वही रहेगा…’

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Arvind Kejriwal: संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा। इस सत्र में संविधान में संशोधन से जुड़े विधेयकों सहित 10 नए बिल पेश किए जाने की संभावना है। इस बारे में लोकसभा बुलेटिन में शनिवार को जानकारी दी गई। आने वाले शीतकालीन सत्र के दौरान केंद्र की मोदी सरकार संविधान में 131वां संशोधन करने का प्रस्ताव पास कर सकती है, जिसमें चंडीगढ़ को संविधान के अनुच्छेद 240 के दायरे में लाने की बात कही गई है। इसमें यह भी जानकारी दी गई है कि पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ को पंजाब के राज्यपाल के दायरे से बाहर लाने की योजना है, जिसके विरोध की आवाज पंजाब से लेकर दिल्ली तक उठने लगी है।

आप ने केंद्र के संविधान 131वें संशोधन विधेयक का किया विरोध

केंद्र के संविधान 131वें संशोधन विधेयक के विरोध में सत्तारुढ़ आम आदमी पार्टी ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भागवत सिंह मान ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “हम केंद्र सरकार द्वारा संसद के आगामी विंटर सेशन में पेश किए जाने वाले प्रस्तावित संविधान (131वां संशोधन) बिल का कड़ा विरोध करते हैं।”

पंजाब मुख्यमंत्री भागवत सिंह मान ने कहा कि, “यह संशोधन पंजाब के हित के खिलाफ है। हम केंद्र सरकार द्वारा पंजाब के खिलाफ रची जा रही साजिश को सफल नहीं होने देंगे। चंडीगढ़ पर केवल पंजाब का अधिकार है, जो पंजाब के गांवों को बर्बाद करके बनाया गया है। हम अपने अधिकार को नष्ट नहीं होने देंगे, इसके लिए जो भी कदम उठाने होंगे, हम उठाएंगे।”

चंडीगढ़ पंजाब का है और उसी का रहेगा – Arvind Kejriwal

पंजाब के मुख्यमंत्री भागवत सिंह मान के सोशल मीडिया एक्स पोस्ट को साझा करते हुए अरविंद केजरीवाल ने लिखा, “भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा संविधान संशोधन के जरिए चंडीगढ़ पर पंजाब के अधिकार को समाप्त करने की कोशिशों को हम सरल कदम के रूप में नहीं देख रहे, बल्कि यह पंजाब की पहचान और संवैधानिक अधिकारों पर एक सीधा हमला है। फेडरल संरचना को नष्ट कर पंजाबियों के अधिकारों को छीनने का यह रवैया अत्यंत खतरनाक है।”

केजरीवाल ने कहा कि, जिस पंजाब ने देश की सुरक्षा, अनाज, पानी, और मानवता के लिए हमेशा बलिदान दिया है, आज उसी पंजाब को उसके हिस्से से वंचित किया जा रहा है। यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि पंजाब की आत्मा पर चोट पहुंचाने के समान है। इतिहास गवाह है कि पंजाबियों ने कभी भी किसी तानाशाही के सामने झुकाव नहीं किया है। पंजाब आज भी ऐसा नहीं करेगा। चंडीगढ़ पंजाब का है और रहेगा।”

शीतकालीन सत्र : क्या मोदी सरकार संविधान 131वां संशोधन विधेयक पेश करने जा रही है?

शनिवार को लोकसभा बुलेटिन में यह जानकारी दी गई कि संसद के शीतकालीन सत्र में एटॉमिक एनर्जी बिल के अलावा 10 नए बिल भी पेश किए जा सकते हैं, जिनमें संविधान में 131वां संशोधन करने का प्रस्ताव भी शामिल होगा। प्रस्ताव के अनुसार, चंडीगढ़ को उन केंद्र शासित प्रदेशों में शामिल किया जाएगा जो पहले से अनुच्छेद 240 के तहत आते हैं, जिनमें अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव शामिल हैं। हालाँकि, पुडुचेरी को भी कुछ मामलों में इस प्रावधान के अंतर्गत शामिल किया जाता है, जब उसकी विधानसभा भंग या निलंबित होती है। शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से 19 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें 15 बैठकें आयोजित की जाएंगी।

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