Shashi Tharoor: विदेशी जमीन पर हुई मुलाकात ने भारत में चर्चा का विषय बना दिया है। इसकी मुख्य वजह कांग्रेस सांसद शशि थरूर की एक बागी प्रतिक्रिया है। दरअसल, वाशिंगटन में प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप और न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की मुलाकात हुई है, जिस पर शशि थरूर ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस सांसद ने इस मुलाकात को लोकतंत्र की वास्तविक तस्वीर बताते हुए भारत में भी ऐसा ही होने की इच्छा व्यक्त की है। शशि थरूर की इस प्रतिक्रिया के बाद नजर विपक्ष पर गई है, जो बिहार चुनाव में मिली हार के बाद सत्तारूढ़ एनडीए के खिलाफ मुखर हो गया है। यही कारण है कि अनेक सवाल उठ रहे हैं। पूछा जा रहा है कि क्या शशि थरूर बिहार चुनाव के बाद मुखर विपक्ष को कोई संदेश दे रहे हैं?
क्या बिहार चुनाव के बाद मुखर विपक्ष को संदेश दे रहे Shashi Tharoor?
कांग्रेस सांसद ने मुखरता से ट्रंप और ममदानी की मुलाकात पर प्रतिक्रिया दी है। शशि थरूर ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट जारी करते हुए लिखा है कि “लोकतंत्र को इसी तरह काम करना चाहिए। चुनाव में अपनी बात के लिए पूरे जोश से लड़ें, बिना किसी बयानबाज़ी की रोक-टोक के। लेकिन जब चुनाव खत्म हो जाए और लोग अपनी बात कह दें, तो उस राष्ट्र के साझा हित में एक-दूसरे का सहयोग करना सीखें जिसकी सेवा करने का आप दोनों ने संकल्प लिया है। मैं भारत में ऐसा और भी देखना चाहूँगा और मैं अपनी भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा हूं।”
शशि थरूर की इस प्रतिक्रिया के बाद सवालों का तांता लगने लगा है। पूछा जा रहा है कि कहीं कांग्रेस सांसद विपक्ष को नसीहत तो नहीं दे रहे। दरअसल, बिहार चुनाव में करारी हार के बाद विपक्ष सत्तारूढ़ दल पर हमलावर है। सत्ता के साथ ताल-मेल छोड़ दें, विपक्ष की तरफ से किसी नेता ने सत्ताधीशों से औपचारिक भेंट तक नहीं की है। इससे पूर्व भी भारत में पक्ष-विपक्ष के बीच कटुता देखी जा चुकी है। यही वजह है कि लोकतंत्र पर शशि थरूर की ये प्रतिक्रिया खास सुर्खियों में है।
क्यों अहम है कि ममदानी-ट्रंप की मुलाकात?
अमेरिका में हाल ही में संपन्न हुए मेयर चुनाव के दौरान प्रेसिडेंट ट्रंप ने जोहरान ममदानी पर तीखा हमला बोला था। ट्रंप ने अपने संबोधन के दौरान ममदानी को 100 प्रतिशत कम्युनिस्ट पागल और पूरी तरह से पागल तक करार दिया था। वहीं ममदानी भी अमेरिकी राष्ट्रपति पर मुखर नजर आए थे और उन्होंने बदले में ट्रंप को अधिनायकवादी बताया और खुद को ‘डोनाल्ड ट्रंप का सबसे बुरा सपना’ कहा था। हालाँकि, ट्रंप के विरोध के बावजूद ममदानी चुनाव जीतने में सफल रहे और अंततः दोनों नेताओं की मुलाकात हुई। इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने एक-दूसरे की प्रशंसा की और आगे जनता के हित की लड़ाई लड़ने की बात की। यही वजह है कि शशि थरूर ने इस पहलू को सच्चा लोकतंत्र बताते हुए भारतीय नेताओं को संदेश दिया है।








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