15 दिन का मौका बाकी ,जमा हुए सिर्फ 66% फॉर्म

बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में अब तक 66.16% गणना प्रपत्र एकत्रित हो चुके हैं. 7.90 करोड़ मतदाताओं में से 7.71 करोड़ को प्रपत्र दिए गए थे. मतदाताओं के पास प्रपत्र जमा करने के लिए अभी 15 दिन और हैं.
बिहार में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. अब तक 66.16% गणना प्रपत्र एकत्र किए जा चुके हैं. मतदाताओं के पास प्रपत्र जमा करने के लिए अभी भी 15 दिन बचे हैं. चुनाव आयोग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 24 जून 2025 को एसआईआर निर्देश जारी किए जाने के बाद से बीते 16 दिनों में 5,22,44,956 गणना प्रपत्र जमा किए गए हैं.

image-5-1024x577 15 दिन का मौका बाकी ,जमा हुए सिर्फ 66% फॉर्म


जमा किए गए गणना प्रपत्र का ये आंकड़ा बिहार के कुल 7,89,69,844 (करीब 7.90 करोड़) मौजूदा मतदाताओं का 66.16% है. अभियान की सफलता के पीछे बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), नवनियुक्त BLO और अन्य चुनाव अधिकारियों की अहम भूमिका रही. इस काम में 77 हजार 895 बीएलओ के साथ-साथ 20 हजार 603 नए बीएलओ, 4 लाख से अधिक स्वयंसेवक और 1.56 लाख बूथ स्तरीय एजेंट (BLA) सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं.

image-6-1024x614 15 दिन का मौका बाकी ,जमा हुए सिर्फ 66% फॉर्म


7.71 करोड़ मतदाताओं को दिए गए प्रपत्र
ये सभी बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, बीमार और कमजोर वर्ग के मतदाताओं तक भी पहुंचे. चुनाव आयोग ने बताया कि 24 जून को एसआईआर आदेश जारी होते ही लगभग 98% प्रपत्र (करीब 7.71 करोड़) मतदाताओं को दिए गए थे. इसके बाद से प्रपत्र जमा करने की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है. अब तक दो-तिहाई से ज्यादा मतदाता अपनी सहभागिता दर्ज करा चुके हैं.
वोटर लिस्ट की समीक्षा मामले में विपक्ष को झटका
उधर, बिहार में वोटर लिस्ट की समीक्षा मामले में विपक्ष को गुरुवार को बड़ा झटका लगा है. विपक्ष ने चुनाव आयोग के इस कदम पर रोक लगाने की अपील की थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रक्रिया पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया का निर्वहन किया जा रहा है. कोर्ट ने चुनाव आयोग से ये भी कहा है कि पहचान के लिए आधार कार्ड, राशन कोर्ड और वोटर आईडी को भी दस्तावेज के तौर पर शामिल करें.

जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने याचिका पर सुनवाई की. चुनाव आयोग की ओर से वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी पेश हुए. उनके अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता केके वेणुगोपाल और मनिंदर सिंह ने भी चुनाव आयोग की पैरवी की. एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की अनुमति दी जा सकती है.

  • Related Posts

    Mamata Banerjee: ‘मुख्यमंत्री की क्रूरता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का कड़ा हस्तक्षेप..,’ IPAC मामले में फंसी बंगाल की सीएम, बीजेपी ने अग्रिम मोर्चा संभाला

    Mamata Banerjee: बंगाल में चुनावी माहौल गरम था, पर अब सियासी हलचल और ज्यादा तेज हो गई है। पिछले हफ्ते आईपैक चीफ प्रतीक जैन के आवास पर ईडी की छापेमारी…

    Maharashtra Municipal Elections 2026 Results: Will the Thackeray Brothers’ Reputation Suffer? The Magic of BJP-Shiv Sena in BMC? Get the Latest Counting Updates Here.

    Maharashtra Civic Body Polls Result 2026: चर्चित महाराष्ट्र निकाय चुनाव के परिणाम आज घोषित होने वाले हैं। मतगणना की प्रक्रिया सुबह 10 बजे से शुरू हो गई है। मतदान समाप्त…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    Verified by MonsterInsights