Lifestyle

सर्दियों में इस सब्जी के जूस से ब्लड प्रेशर और शुगर को नियंत्रित करने के अद्भुत लाभों के बारे में जानें।

लौकी के जूस के लाभ: लौकी को अंग्रेजी में बोतल गार्ड के नाम से जाना जाता है। कई लोग इसके स्वाद के कारण इसे पसंद नहीं करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं? यदि आप इसका जूस रोजाना पीते हैं, तो यह ब्लड प्रेशर से लेकर डायबिटिज तक को नियंत्रित करने में सहायता कर सकता है। आज हम आपको बताएंगे कि लौकी का जूस पीने से कौन-कौन सी बीमारियों में फायदा होता है।

लौकी के पोषक तत्व

लौकी में प्रचुर मात्रा में विटामिन बी1, बी3, बी6, विटामिन सी, विटामिन ए, कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम, मैग्नीशियम, और फाइबर जैसे पोषक तत्व होते हैं। ये वजन घटाने में बहुत लाभकारी माने जाते हैं। साथ ही, ये इम्यूनिटी को बढ़ाकर गंभीर बीमारियों से शरीर की रक्षा करते हैं। इसलिए लौकी की सब्जी, जूस और हलवा के साथ-साथ सलाद का भी सेवन किया जाता है। मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर यह शरीर से खराब फैट को गलाने में मदद करती है। लौकी में लगभग 90 प्रतिशत पानी होता है, जिससे शरीर हाइड्रेट रहता है।

लौकी का जूस: ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करता है

जिन लोगों को हाई या लो ब्लड प्रेशर की समस्या होती है, उन्हें लौकी का जूस जरूर पीना चाहिए। इसमें सोडियम की अच्छी मात्रा होती है, जिससे यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है। साथ ही, यह हृदय रोगों में भी लाभकारी होता है। इसमें फाइबर मौजूद होता है, जो खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। वहीं, विटामिन सी और फ्लेवोनॉयड्स रक्त को पतला करते हैं, जिससे दिल और दिमाग की कई बीमारियों से बचा जा सकता है।

डायबिटिज में लौकी कैसे मदद करती है?

लौकी का जूस यदि नियमित रूप से पिया जाए, तो यह डायबिटिज यानी कि मधुमेह को नियंत्रण में रखता है। लौकी का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो शुगर लेवल को नहीं बढ़ने देता। यह इंसुलिन के निर्माण में भी सहायता करता है। लौकी का जूस ही नहीं, बल्कि इसका सूप, सलाद और सब्जी भी बहुत लाभकारी होती है। इसलिए बिना चीनी के इसका सेवन करें।

किन लोगों को लौकी का जूस नहीं पीना चाहिए?

हालांकि लौकी में कई फायदेमंद पोषक तत्व होते हैं, फिर भी कुछ लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए। जिनको किडनी, लिवर, फूड एलर्जी और पाचन से संबंधित समस्याएँ हैं, उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए। अगर लौकी का जूस कड़वा है, तो उसे पीने से बचें, क्योंकि यह इंजेक्शन के कारण हो सकता है।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय जानकारी केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी योग्य चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं है। लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव के रूप में माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी इन्हें न तो प्रमाणित करता है और न ही खंडित करता है। किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights