नहाने के सुझाव: साबुन केवल इन 3 क्षेत्रों में लगाएं, जानें ब्लड प्रेशर और पाचन के लिए सही तरीके।
Bath Tips: नहाने का अर्थ केवल साबुन लगाना और पानी डालना नहीं है, बल्कि शरीर को रिलैक्स करना भी आवश्यक है। हेल्थ एक्सपर्ट नहाने के सही तरीके का सुझाव दे रहे हैं, जिसमें बताया गया है कि शरीर के सभी हिस्सों पर साबुन नहीं लगाना चाहिए, बल्कि इसके लिए तीन खास हिस्सों को ही चुनना चाहिए। उनका ये भी कहना है कि, बाकी हिस्सों को अच्छा से मसलना चाहिए ताकि ब्लड प्रेशर और पाचन सही बना रहे।
Bath Tips: साबुन किन हिस्सों में लगाना है?
हेल्थ एक्सपर्ट का हिसाब है कि, नहाते समय साबुन उन स्थानों पर लगाना चाहिए जहां पसीना अधिक आता है। सबसे पहले बगल के हिस्से पर साबुन लगाकर अच्छे से रगड़ना चाहिए, जिससे गंध पैदा करने वाले बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं।
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जांघों के बीच और पीठ के निचले हिस्से को भी अच्छे से साबुन से धोना चाहिए। पैरों और पैर के तलवों को भी अच्छी तरह साफ करना आवश्यक है। कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इन हिस्सों की सफाई अत्यावश्यक है। इसके अलावा, प्राइवेट पार्ट की सफाई भी अच्छे से करनी चाहिए।
नहाते समय इन हिस्सों को मसाज करें
हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, शरीर के बाकी हिस्सों को अच्छी तरह से मलना चाहिए। इससे ब्लड प्रेशर और पाचन संबंधी समस्याएं कम होती हैं। हाथों में कई एक्यूप्रेशर पॉइंट्स होते हैं, इसलिए इन्हें अच्छी तरह से मसला जाना चाहिए। कंधे और गर्दन के क्षेत्रों में भी नहाते समय मसाज करना चाहिए, जिससे तनाव कम होता है। कानों पर हल्के हाथों से भी मसाज करनी चाहिए। ये बॉडी को रिलैक्स करता है। पैरों के तलवों में शरीर के कई अंगों के प्रेशर पॉइंट्स होते हैं। यदि नहाते समय इन्हें अच्छी तरह से रगड़ा जाए तो ब्लड सर्कुलेशन सही होता है, जिससे तनाव कम होता है और नींद की समस्याएं भी घटती हैं। चेहरे पर पानी की छींटे मारने से आंखों की रोशनी बेहतर होती है, और नाक की सफाई भी अच्छे से करनी चाहिए। कई लोग इन हिस्सों पर साबुन लगाते हैं, लेकिन इन्हें सही तरीके से नहीं मसलते हैं। यदि आप रोजाना नहाते समय अपने शरीर के इन हिस्सों की मसाज करेंगे, तो आप कई बीमारियों से राहत पा सकते हैं।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।
