एग टेस्ट: अमेरिका में एगोज का खुलासा होने पर क्या होता हंगामा? कैंसर और प्रजनन पर खतरे वाले अंडों पर विशेषज्ञ की प्रतिक्रिया

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Egg Test: हाल के दिनों में एगोज कंपनी के बारे में एक महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है, जिसमें बैन की गई नाइट्रोफ्यूरेन के पाए जाने के चलते कैंसर और प्रजनन क्षमता पर इसे जोखिम भरा बताया गया है। इस मामले में कई अफवाहें भी उड़ी हैं। इसी बीच, विशेषज्ञों ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट batrahealthcare27 पर एक वीडियो साझा किया जिसमें उन्होंने बताया कि यदि एगोज में पाए गए तत्व अमेरिका में होते तो क्या स्थिति होती। विशेषज्ञ इस मामले को गंभीरता से लेते हुए लोगों को सलाह देते हुए दिखाई दिए। एगोज के खुलासे के बाद इस वीडियो पर चर्चा हो रही है। चलिए जानते हैं कि डॉक्टर ने एग टेस्ट के बारे में क्या कहा।

Egg Test में नाइट्रोफ्यूरेन पाए जाने पर अमेरिका में क्या होता?

इंस्टाग्राम पर साझा की गई वीडियो में विशेषज्ञ ने चेता दिया है कि यदि एग टेस्ट के दौरान नाइट्रोफ्यूरेन अमेरिका में पाया गया होता तो स्थिति बेहद गंभीर होती। डॉक्टर के अनुसार, “वह कंपनी बंद हो जाती, स्वामी को जेल होती और उसे 20-30 साल की सजा मिलती। यदि कोई बैन पदार्थ पाया जाए तो यह एक बड़ा सवाल है।” विशेषज्ञ ने आगे कहा, “लोगों द्वारा ये तर्क दिया जा रहा है कि 0.73 एमसीजी पाया गया है जबकि पूरी दुनिया में इसका जीरो टॉलरेंस होना चाहिए। इससे बचने के लिए बच्चों को क्या ये खिला जाएगा, उन्हें कितना खाना पड़ेगा यह जानना जरूरी है।”

क्या अंडों के साथ दूध, दही और पनीर जैसे उत्पाद भी हैं रिस्की?

अंडों के बारे में किए जा रहे दावों के कारण लोग इनफर्टिलिटी, कैंसर, और लीवर डिजीज के साथ इनकी सफाई पर सवाल उठाने लगे हैं। इंस्टाग्राम पर डॉक्टर ने आक्रोशित होते हुए कहा कि कई डॉक्टर इसे मामूली बताते हैं, लेकिन अगर अमेरिका में ऐसा होता है तो वहां जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ऐसा मामला हो सकता है। डॉक्टर ने आशंका जताई कि यदि एक अंडे में यह पाया गया है, तो यह संभव है कि अन्य पशुओं जैसे गाय और भैंस में भी यह ड्रग दिया जा रहा हो। इस बात की जांच जरूरी है और लोगों को इन उत्पादों का सेवन करने से पहले पूरी तरह से सुनिश्चित होना चाहिए।

Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सा सलाह केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।

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